सिंगरौली जिले में शनिवार को कांग्रेस ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री कविता पांडे के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक एकदिवसीय उपवास रखा। यह उपवास इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम व नियमों में किए गए संशोधन के विरोध में आयोजित किया गया था। उपवास स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री कविता पांडे ने कहा कि इंदौर जैसे स्मार्ट सिटी में सीवर लाइन का दूषित पानी लोगों को पिलाया जा रहा है, जिसके कारण 26 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने इस घटना को राज्य सरकार की लापरवाही और बदहाल व्यवस्था का परिणाम बताया। पांडे ने मनरेगा योजना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक थी, जो ग्रामीण गरीबों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी देती थी। लेकिन राज्य सरकार ने इसका नाम बदलकर इसकी मूल भावना और गारंटी को ही खत्म कर दिया है। कविता पांडे ने आरोप लगाया कि सरकार के पास न तो पर्याप्त बजट है और न ही रोजगार देने की मंशा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने योजना को बंद करने के बजाय नाम बदलकर लोगों को भ्रमित करने का रास्ता चुना है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


