सिंगरौली में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के गोरबी ब्लॉक-बी क्षेत्र में रविवार को विस्थापित और प्रभावित परिवारों ने उग्र प्रदर्शन किया। 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे क्रमांक-39 को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग बोले-प्रभावित परिवारों को नहीं मिल रहा रोजगार प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एनसीएल प्रबंधन और उसकी ओवरबर्डन (ओबी) कंपनियां सिंगरौली कलेक्टर गौरव बनाल की ओर से जारी की गई नौकरी संबंधी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रही हैं। इन गाइडलाइंस का उद्देश्य विस्थापित और प्रभावित परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना है। लोगों ने यह भी बताया कि नौकरी के लिए चयनित हितग्राहियों की सूची अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। उनका कहना है कि बार-बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें मजबूरन हाईवे जाम करने का कदम उठाना पड़ा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन के अधिकारी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने की कोशिश की जा रही है। जनसंपर्क अधिकारी बोले-मामले की जानकारी नहीं इस मामले पर दैनिक भास्कर डिजिटल ने एनसीएल के जनसंपर्क अधिकारी राम विजय सिंह से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वे फिलहाल इस मामले से अनभिज्ञ हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे संबंधित विभाग से जानकारी लेकर समस्या का पता लगाएंगे और जल्द ही स्थिति स्पष्ट करेंगे।


