सिंगरौली जिले में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बार फिर सामने आई है। सोमवार देर रात सरई क्षेत्र के ग्राम पंचायत खनुआ गांव से एक गर्भवती महिला को सड़क नहीं होने के कारण खाट पर लिटाकर अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। प्रसव पीड़ा के दौरान नहीं पहुंची एंबुलेंस जानकारी के अनुसार, खनुआ गांव निवासी रवि पांडे की बहू को सोमवार रात करीब 10 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन घर तक नहीं पहुंच सका। मजबूरी में महिला के पति, देवर और जेठानी ने उसे खाट पर लिटाया और लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक ले गए। वहां से एक ऑटो की मदद से महिला को सरई अस्पताल पहुंचाया गया। छोटा पुल न होने से रास्ता बंद ग्राम पंचायत खनुआ के सरपंच मोतीलाल सिंह ने बताया कि गांव में करीब 5 मीटर लंबे एक छोटे पुल की जरूरत है। पुल न होने के कारण रास्ता बंद रहता है और ग्रामीणों को रोजाना आवाजाही में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि इस पुल के बनने से 20 से 25 घरों की बस्ती को सीधा और सुरक्षित रास्ता मिल जाएगा। पांच महीने पहले भेजा प्रस्ताव सरपंच ने कहा कि पुलिया निर्माण के लिए करीब पांच महीने पहले जिला पंचायत को पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई मंजूरी नहीं मिली है। ग्रामीणों को हर जरूरी काम के लिए इसी खराब रास्ते से गुजरना पड़ता है। मामले में जब जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जगदीश के. मे से संपर्क किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, जाते-जाते उन्होंने कहा, “कलेक्टर साहब को बोल दो, अगर वह बोल देंगे तो सड़क बन जाएगी।” ग्रामीणों में नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें आए दिन परेशानी झेलनी पड़ती है। गर्भवती महिला को खाट पर अस्पताल ले जाने की यह घटना सिस्टम की गंभीर लापरवाही को दिखाती है। अब लोग प्रशासन से जल्द कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।


