दतिया में किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला दतिया की विशेष पॉक्सो अदालत ने सुनाया। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 7 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। प्रकरण में विशेष न्यायाधीश मंजूषा तेकाम ने निर्णय किया है। मामले में आरोपी विक्रम उर्फ राजा रावत पिता रामहेत रावत (22), निवासी ग्राम गढ़ी को दोषी पाया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (सरकारी वकील) संचिता अवस्थी ने प्रभावी पैरवी की। मामले का विवरण सामने रखते हुए बताया गया कि पीड़िता की उम्र करीब 17 वर्ष थी। फरियादी ने परिजनों को के साथ गोराघाट थाने शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने शिकायत में बताया था कि उनकी बेटी घर से कुएं पर लकड़ियां लेने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। आशंका जताई गई कि किसी ने बहला-फुसलाकर उसे भगा लिया है। इस पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। गन्ने के खेत पर गलत काम किया
जांच के दौरान पीड़िता को दस्तयाब किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह बिना बताए गन्ने के खेत पहुंच गई थी, जहां आरोपी मौजूद था। इसके बाद वह आरोपी के साथ दो से तीन दिन तक गन्ने के खेत में रुकी, जहां आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया। बाद में आरोपी उसे अपने घर ले गया। परिजनों द्वारा रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिलने पर आरोपी पीड़िता को थाने के पास छोड़कर फरार हो गया था। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसका भी मेडिकल परीक्षण और डीएनए से जुड़ी कार्रवाई की गई। विवेचना के दौरान फरियादी और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उक्त फैसला सुनाया है।


