सिंडिकेट बनाकर काम कर रहे थे लालपुर के कर्मचारी:महंगी बोतल में सस्ती शराब मिलाते थे, अधिकारियों को पहुंचता था कट; मुख्य आरोपी 22 दिन बाद गिरफ्तार

रायपुर की जिला आबकारी विभाग और फ्लाइंग स्क्वॉड की संयुक्त टीम ने 13 जून को लालपुर स्थित कंपोजिट शराब दुकान से 265 पेटी मिलावटी शराब मिली थी। इसके अतिरिक्त 34 पेटी गोवा स्पेशल व्हिस्की बिना होलोग्राम के मिली थी। शराब बिक्री की जांच में टीम को ठेका काउंटर ₹12,10,480 की रुपए की कमी पाई गई। इस मामले में फरार मुख्य आरोपी शेखर बंजारे को लगभग 22 दिन बाद फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम ने अभनपुर के परसट्टी से गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार कंपोजिट शराब दुकान के सभी कर्मचारी मिलावट के खेल में शामिल थे। और ये सबकुछ जिम्मेदार अधिकारियों की देख-रेख में हो रहा था। हमारे सोर्स ने बताया कि अधिकारियों तक उनका कट पहुंच जाता था। आरोपी ने विभाग को पूछताछ में बताया है कि पिछले चार महीने से पूरा खेल चल रहा था। एक बड़ा खुलासा ये हुआ है कि दुकान में ऑडिट तक नहीं किया जा रहा था। आरोपी दुकान के पास स्थित कार्टून स्टॉक के पास जाकर मिलावट करते थे। इस दौरान शराब लाते- ले जाते वक्त सीसीटीवी कैमरा ऑफ कर दिया जाता था। सिंडीकेट की तरह कर रहे थे काम
आरोपी ने आबकारी विभाग को पूछताछ में बताया कि दुकान के सभी कर्मचारी मिलकर सिंडीकेट की तरह दुकान की शराब में मिलावट करके बेचते थे। ये लोग सस्ती शराब को महंगी बोतलों में भरकर बेच देते थे। सर्किल के आबकारी अधिकारियों को उनके इस काम की जानकारी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बिना होलोग्राम के मिली बोतल बाहरी राज्यों की थी वहीं अबतक की पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि 34 पेटी गोवा स्पेशल व्हिस्की बाहरी राज्यों से मंगाई गई। जिसे मिलावट कर बिना होलोग्राम के ही कस्टमर्स को बेच दिया जाता था। इसके अलावा मिलावटी शराब के ढक्कन और शीशी की बोतल लोकल मार्केट से उठाते थे। गायब हुई रकम अब तक नहीं मिली है जांच टीम को काउंटर से गायब ₹12,10,480 रुपए अब तक मिले नहीं हैं। वहीं, वित्तीय अनियमितता को देखते हुए सहायक आबकारी अधिकारी राजेंद्र नाथ तिवारी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबित कर दिया गया था। इन ब्रांड की मिलावटी शराब

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