प्रदेश के जल संसाधन महकमे को 10969 करोड़ रुपए की लागत वाली नौ सिंचाई परियोजनाओं को टेंडर नहीं मिल पाए हैं। इन हालातों के चलते 2024 में अगस्त और सितम्बर में बुलाए गए टेंडर जल संसाधन विभाग ने निरस्त कर दिए हैं। इसमें चीतों के रहवास एरिया वाले कूनो के कटीला बांध में होने वाले निर्माण कार्य भी शामिल हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा क्षेत्र शिवपुरी में पार्वती नदी पर कुंभराज काम्पलेक्स के दो बांधों से नहर बनाने का टेंडर प्रोजेक्ट भी निरस्त किया गया है। मोहन यादव सरकार के कार्यकाल में जारी किए इन नौ परियोजनाओं के टेंडर को निरस्त किए जाने के आदेश प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग ने जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि पांच माह की समय सीमा के बाद भी प्रमुख अभियंता कार्यालय को टेंडर प्रपत्र नहीं मिले हैं, इसलिए टेंडर निरस्त किए गए हैं। प्रमुख अभियंता ने चीफ इंजीनियरों को दिए निर्देश में कहा है कि अब भविष्य में काम की आवश्यकता के आधार पर टेंडर की कार्यवाही की जा सकेगी। इन परियोजनाओं के टेंडर हुए निरस्त परियोजनाओं में ये काम कराने थे सरकार को सरकार द्वारा स्वीकृत इन नौ परियोजनाओं में जो काम कराए जाने थे, उसमें मह्लारगढ़ (शिवना) में बैलेसिंग रिजरवायर, सिंचाई प्रणाली के निर्माण कार्य, नहर प्रणाली के निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही पार्वती नदी में कुंभराज काम्पलेक्स के अंतर्गत दो बांधों और 1 लाख पांच हजार 850 हेक्टेयर क्षेत्र में नहर निर्माण के लिए टेंडर कराए गए थे। कूनो नदी पर कटीला बांध एवं एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नहर बनाई जानी है। नावथा और झिरमिटी सिंचाई परियोजना में निर्माण कार्य कराए जाने के साथ छोटी उतावली मध्यम सिंचाई परियोजना में नहर का काम कराया जाना है। बीना सिंचाई परियोजना में मड़िया और चकरपुर बांध के मुख्य और सेडल बांध के डाउन स्ट्रीम में कांक्रीट सर्विस रोड, पैरापेट वॉल, टेनिंग वॉल, टोए वॉल तथा रेपनी नदी पर पावा बांध में नहर बनाई जाना है। करई नदी पर सोनपुरा बांध में भी नहर बनाने के लिए टेंडर कराए गए थे लेकिन इसके लिए सरकार को ठेकेदार ही नहीं मिले हैं। इन तारीखों में हुए थे टेंडर


