मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 के कामों की मॉनिटरिंग हर 15 दिन में होनी चाहिए। प्रयागराज कुंभ पूरा होने के बाद वहां के क्राउड मैनेजमेंट, ड्रोन सर्वे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के लिए संबंधित एजेंसियों की बैठक बुलाकर जानकारी ली जाएगी। सिंहस्थ को लेकर अभी करीब 6 हजार करोड़ के काम चल रहे हैं और 1456 करोड़ रुपए के नए कामों को सिंहस्थ 2028 के लिए बनाई गई मंत्रिमंडलीय समिति ने मंजूरी दी है। समिति ने नर्मदा रिसोर्ट महेश्वर, चोरल रिसोर्ट इंदौर, ओंकारेश्वर में नए होटल निर्माण और उज्जैन के होटल अवंतिका के उन्नयन कार्य को भी मंजूरी दी है। सिंहस्थ 2028 के लिए बनाई गई मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान उज्जैन और इंदौर संभाग आवागमन के मुख्य केंद्र रहेंगे। इन संभागों में 2 ज्योतिर्लिंग होने से श्रद्धालुओं का आवागमन तथा धार्मिक गतिविधियां अधिक होंगी। इंदौर-उज्जैन संभाग में चल रहे अलग-अलग विभागों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, इसकी मॉनिटरिंग हर 15 दिन में की जाए। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी बैठक कर काम की प्रोग्रेस का रिव्यू करें। ऐसे विषय जिनमें उच्च स्तर से समन्वय या मार्गदर्शन आवश्यक है, वे विषय राज्य शासन के संज्ञान में लाए जाएं। निर्माण एजेंसियों को सौंपे गए कार्यों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग कर विलंब के कारणों का तत्काल निराकरण किया जाए। प्रयागराज के साथ हरिद्वार कुंभ के मॉडल की कराएंगे स्टडी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की व्यवस्थाओं को सर्वोत्तम रूप देने के लिए प्रयागराज कुंभ के साथ ही हरिद्वार कुंभ मॉडल का अध्ययन भी किया जाएगा। प्रयागराज कुंभ पूर्ण होने के बाद वहां क्रॉउड मैनेजमेंट, ड्रोन सर्वे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा अन्य गतिविधियों में लगी कंपनियों व स्टार्ट-अप का उज्जैन में सम्मेलन आयोजित कर वहां की बेस्ट प्रैक्टिसेस का क्रियान्वयन सिंहस्थ-2028 में करने की कार्य योजना बनाई जाएगी। रेलवे से समन्वय के लिए विशेष सेल गठित किया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता के लिए रेलवे से समन्वय के उद्देश्य से विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों तक श्रद्धालुओं के आसानी से आवागमन के लिए उपयुक्त पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। उज्जैन, इंदौर और देवास में होने वाले निर्माण कार्यों में सीवरेज, स्वच्छता और हरियाली का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से धर्मशालाओं के उन्नयन के लिए भी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ये मंत्री रहे मौजूद बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


