सिग्नल तोड़ने के कारण हो रहे जानलेवा हादसे:ई-रिक्शा और ऑटो हर चौक पर तोड़ रहे सिग्नल, कहीं भी बिठा रहे सवारी

ई-रिक्शा और ऑटो हर चौक पर तोड़ रहे सिग्नल, कहीं भी बिठा रहे सवारी एसआरपी भगत सिंह चौक पर मंगलवार दोपहर 2 बजे रेड सिग्नल तोड़कर जा रहा ई-रिक्शा कार की टक्कर से पलटा और पैदल जा रही युवती की उसमें दबने से मौत हो गई। महिला की मौत हो गई, इसलिए ये हादसा चर्चा में आ गया अन्यथा शहर के ज्यादातर ऑटो और ई-रिक्शा रोज चौक चौराहों पर ट्रैफिक नियमों को तोड़ रहे हैं। जयस्तंभ, शारदा चौक, खजाना तिराहा और एसआरपी चौक जैसे प्रमुख चौराहों को छोड़कर इक्का-दुक्का चौक पर ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इस वजह से नियम तोड़ने वाले ऑटो व ई-रिक्शा पर कार्रवाई अपेक्षा के अनुसार नहीं हो रही है। यही वजह है कि ऑटो वाले बेखौफ होकर ट्रैफिक नियम तोड़ रहे हैं। एसआरपी चौक पर महिला की मौत के बाद भी न पुलिस सख्त हुई और न ही ऑटो-ई-रिक्शा के रवैये में कोई बदलाव आया। भास्कर टीम ने बुधवार को शहर के बीचोबीच भीड़ भरे चार चौराहों का सर्वे किया। इस दौरान हर 10 मिनट में एक न एक ऑटो-ई- रिक्शा सिग्नल तोड़कर गुजरता नजर आया। वे इसलिए भी बेखौफ थे कि उन्हें मालूम था पुलिस की टीम सड़क पर नहीं रोकेगी। 5 ई-रिक्शा एक साथ रेड सिग्नल तोड़कर निकले बुधवार दोपहर 2 बजे। एसआरपी भगत सिंह चौक। मंगलवार को इसी चौराहे पर दोपहर 3 बजे रेड सिग्नल तोड़कर जा रहे ई-रिक्शा की वजह से हादसा हुआ और महिला की मौत हुई थी। चौराहे पर कोई पुलिस का जवान तैनात नहीं है। तेलीबांधा की ओर जा रहे 5 ई-रिक्शा व ऑटो वालों ने एक साथ रेड सिग्नल तोड़ा। पहले ऑटो गुजरा, उसके बाद एक-एक कर ई-रिक्शा भी उसी के पीछे चल पड़े। इस दौरान जिस ओर ग्रीन सिग्नल हुआ था, उस रोड का ट्रैफिक तेजी से बढ़ा। गाड़ियों के टकराने की स्थिति बनी, लेकिन ई-रिक्शा निकल गए। एसपी दफ्तर के सामने भी नहीं नियम का नहीं पालन एसपी-कलेक्टर दफ्तर के सामने खजाना तिराहा। दोपहर करीब 2.30 बजे। ट्रैफिक अधिकारी और जवान एक किनारे खड़े हैं। उनका ध्यान आपस में बतियाने या मोबाइल में कुछ देखने में ज्यादा है। इस दौरान कई ऑटो और ई-रिक्शा वाले अपनी मर्जी से आ जा रहे हैं। कोई सिग्नल ग्रीन होने के पहले चौक पार कर रहा है तो कोई सिग्नल रेड होने के बाद भी गुजरता रहा। ज्यादातर ऑटो वाले सिग्नल रेड होने के बाद भी चौराहा पार कर रहे थे। ट्रैफिक जवान ऐसा करने वाले ऑटो को देखकर भी रोक-टोक नहीं कर रहे थे। ई-रिक्शा की परमिट का नियम नहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने ई-रिक्शा संचालन का कोई सिस्टम नहीं बनाया है। ई-रिक्शा का फिटनेस भी नहीं होता है। उन्हें शहर में चलाने के लिए कोई परमिट की भी जरूरत नहीं है। इस वजह से कार्रवाई करने में दिक्कत है। चालान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति शहर में दर्जनों ऑटो व ई-रिक्शा के चालक ट्रैफिक नियम तोड़ रहे हैं लेकिन कार्रवाई नाममात्र पर हो रही है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार कार्रवाई रोज औसतन 18 ऑटो व ई-रिक्शा चालकों पर ही की जा रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *