उपराष्ट्रपति बोले-:दुष्ट ताकतें अच्छे कामों को विफल नहीं कर पाएंगी देश में नक्सलवाद के लिए जगह नहीं

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बुधवार को 11वां दीक्षांत समारोह हुआ। इसमें दो सत्र के 277 छात्रों को स्वर्ण पदक और उपाधि दी गई। दो छात्रों को चांसलर मेडल और 25-25 हजार रुपए से सम्मानित किया गया। फॉरेस्ट्री विभाग की छात्रा संगीता को सबसे अधिक 3 स्वर्ण पदक मिला। समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नक्सलवाद और धर्मांतरण पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मैं देश में एक व्यवस्थित, षड्यंत्रकारी और प्रलोभन देने की प्रक्रिया देख रहा हूं, जिस पर नियंत्रण लगाने की जरूरत है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी लोगों के लिए नक्सलवाद विकास में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। इससे जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस समय जो विकास हो रहा है, उसमें आम आदमी केंद्रित है। यह समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों, समाज के कमजोर वर्गों पर केंद्रित है। कुछ दुष्ट ताकतें इन अच्छे कामों को विफल करने की कोशिश करती हैं। अभूतपूर्व विकास वाले देश में नक्सलवाद के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश और छत्तीसगढ़ राज्य में इस दिशा में गंभीर प्रयास किए गए हैं। इसकी खुशी है। नक्सलियों को निष्प्रभावी कर गिरफ्तार और आत्मसमर्पण कराया गया है। सरकार ने एक अच्छी नीति बनाई है और राज्य इसे उल्लेखनीय रूप से क्रियान्वित कर रहा है। मुझे यकीन है कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस तरह के सकारात्मक प्रयासों की 100% सफलता हो। हमारे आदिवासी लोग हमारे महान सांस्कृतिक संसाधन, मानव संसाधन हैं।

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