सुरिंदर सिंह पावरकॉम सिटी से गुजरने वाली ट्रांसमिशन लाइनों को अपग्रेड करने जा रहा है। पीएंडएम विभाग की तरफ से सिटी के तीन बिजली ग्रिडों की ताकत बढ़ाई जाएगी, जिसका सीधा फायदा करीब एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को गर्मियों में होगा। पीएंडएम विभाग जर्मन टेक्नॉलाजी से लैस हाइटेंशन लो सैग कंडक्टर लगाने जा रहा है। इसकी कुल लागत करीब 87.04 करोड़ रुपए तय की गई है। विभाग की तरफ से लाइन पर काम करने का प्रोसेस शुरू कर दिया है। जल्द ही कंडक्टर भी लगा दिए जाएंगे। पीएंडएम की तरफ से 76 किलोमीटर लंबी लाइन पर हाइटेंशन लो सैग कंडक्टर लगाए जाने हैं। हाइटेंशन लो सैग कंडक्टर का फायदा ये है िक गर्मियों मे ब्रेक डाउन नहीं होंगे और बिजली सप्लाई पूरी मिलेगी। पुराने कडंक्टर हीट होने के कारण खराब होने लग गए थे, लेकिन जर्मन तकनीक वाले ये कंडक्टर काफी कामयाब हैं और करीब 25 साल तक इनकी मियाद है। विभाग की तरफ से शहर के वीर बबरीक चौक, टांडा रोड, मकसूदां आदि सब स्टेशनों को अपग्रेड करने का काम चल रहा है। डिप्टी चीफ इंजीनियर सुरिंदर पाल सोंधी ने बताया कि जालंधर शहर के अंदर पहली बार तीन बिजली ग्रिडों को हाइटेंशन लो सैग कंडक्टर के साथ अपग्रेड किया जा रहा है। एक किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन पर 1.15 करोड़ तो 76 किलोमीटर की लाइन पर 87.04 करोड़ का खर्च आना है। बादशाहपुर से ट्रांसमिशन लाइन जो कि बूटा मंडी, टीवी सेंटर और मकसूदां ग्रिड से जुड़ी हुईं हैं, तीन ग्रिडों को लंबे समय से अपग्रेड करने को लेकर बात हो रही थी। आखिर प्रोजेक्ट फाइनल हुआ है और काम जल्द शुरू होने वाला है।


