उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है, जो 24 घंटे के अंदर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस सिस्टम के कारण 23 से 25 सितंबर तक झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का असर ओडिशा और उत्तर आंध्रप्रदेश के साथ झारखंड पर भी पड़ेगा। मानसून की वापसी में भले ही देर हो, लेकिन रांची समेत राज्य के कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है। रांची सहित कई जिलों में यलो अलर्ट मौसम विभाग ने 24 सितंबर को रांची, गुमला, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, पलामू, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और धनबाद सहित कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बताया कि आज सितंबर को सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश होगी। वहीं, 25 सितंबर को भी खूंटी, गुमला, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। रांची में सोमवार शाम से रुक-रुक कर राजधानी रांची में सोमवार से ही लगातार रुक-रुक कर बारिश होती रही, जो मंगलवार सुबह तक जारी रही। अभी भी बादल छाए हुए हैं। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश धनबाद के पुटकी में 80.2 मिमी दर्ज की गई। वहीं डीवीसी क्षेत्र में 75 मिमी बारिश हुई। कई जिलों में बारिश न होने से तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। रांची में सोमवार रात आठ बजे से देर रात तक झमाझम बारिश होती रही। मंगलवार को भी दिनभर रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, रांची का अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में रांची के तापमान में करीब 1.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पाकुड़ में नहीं हुई बारिश, तापमान सबसे ऊपर बारिश न होने की वजह से पाकुड़ जिले का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, लातेहार में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने साफ किया है कि 25 सितंबर तक पूरे राज्य में अलग-अलग इलाकों में बारिश और वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और खराब मौसम के दौरान बाहर निकलने से बचने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश से किसानों को फसल की सिंचाई में राहत मिली है, लेकिन तेज हवा और वज्रपात से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।


