बिलासपुर के सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब मरीजों को हस्ताक्षरयुक्त कंप्यूटराइज्ड जांच रिपोर्ट मिलेगी। यह व्यवस्था 25 वर्षों में पहली बार शुरू की गई है। सिम्स प्रबंधन के अनुसार, बिलासपुर संभाग में यह पहला अस्पताल है, जहां कंप्यूटराइज्ड जांच रिपोर्ट दी जा रही है। संभाग में बिलासपुर के अलावा रायगढ़ और कोरबा में भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल है। सिम्स में प्रतिदिन 1600 से 1800 मरीज इलाज के लिए आते हैं। पैथोलॉजी विभागों में शुरू हुई यह सुविधा वर्ष 2000 में स्थापित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान में यह सुधार हाईकोर्ट के निर्देश के बाद किया गया है। माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और पैथोलॉजी विभागों में यह सुविधा शुरू की गई है। बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील जैन और कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान जांच रिपोर्ट प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए थे। आयुक्त ने हस्ताक्षरयुक्त कंप्यूटराइज्ड रिपोर्ट की व्यवस्था पर जोर दिया था। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह और आईटी सेल प्रभारी डॉ. कमलजीत बाशन की टीम ने निर्धारित समय में यह कार्य पूरा किया है।


