सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र स्थित मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में मंगलवार दोपहर मोटर से निकली चिंगारी तारपीन तेल के टैंकर तक पहुंची तो भीषण आग लग गई। फैक्ट्री का सुपरवाइजर जलते हुए बाहर निकला। उसकी रायपुर स्थित हॉस्पिटल में मौत हो गई। वहीं, एक अन्य मजदूर फैक्ट्री के अंदर ही फंस गया। देर रात तक उसका पता नहीं चल सका। फर्नीचर फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर केमिकल, सॉल्यूशन और तारपीन के टैंकर व जेरिकेन थे। टैंकर में ब्लास्ट हो रहे थे, इसलिए आग फैलती जा रही थी। मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में दोपहर मजदूरों ने प्रबंधन को बार-बार आगाह भी किया था, लेकिन ध्यान नहीं दिया। तारपीन के टैंकर को खाली करते समय उसमें लीकेज हुआ तो मोटर से निकल रही चिंगारी धधक गई। देखते ही देखते आग फैली तो वहां काम कर रहे करीब दर्जनभर मजदूर जान बचाकर भागे। फैक्ट्री के सुपरवाइजर रितेश शुक्ला के कपड़ों में आग लग गई थी। वह जलते हुए बाहर निकला। प्रबंधन की ओर से उसे रायपुर स्थित कालड़ा नर्सिंग होम भेज दिया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फैक्ट्री में आयुष सूर्यवंशी, उसका बड़ा भाई आशीष और पिता घनश्याम सूर्यवंशी भी काम कर रहे थे। आशीष और घनश्याम तो बाहर निकल गए, लेकिन आयुष फंस गया। देर रात तक उसकी तलाश की जाती रही, लेकिन कुछ पता नहीं चला।


