सिरमटोली में सरनास्थल के मुख्य द्वार के पास फ्लाईओवर के रैंप निर्माण के विरोध में शुक्रवार को हरमू रोड में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। कई आदिवासी संगठन के सदस्यों ने हरमू मुक्तिधाम से विधानसभा द्वार तक 10 किमी लंबी मानव शृंखला बनाई। सरना समिति से जुड़े महिला-पुरुष हाथों में तख्तियां लेकर खड़े थे। तख्तियों पर लिखा था- सरकार आदिवासियों की जमीन और धर्म के मसले पर चुप है। आदिवासियों की जमीन और धर्मस्थलों को लूटा जा रहा है। मुख्यमंत्री अविलंब हस्तक्षेप करें। सामाजिक कार्यकर्ता कुंदर्शी मुंडा ने कहा कि सरकार सोई हुई है। विधायक आदिवासियों की जमीन बचाने को लेकर विधानसभा में आवाज नहीं उठाते हैं, इसलिए सरकार से मांग करता हूं कि सरना स्थल पर बनाए जा रहे रैंप को तुरंत हटाया जाए। एक अप्रैल को सरहुल है। मुख्य द्वार पर रैंप बनाए जाने से श्रद्धालुओं को वहां प्रवेश करने में दिक्कत होगी। स्पीकर बोले-सत्ता पक्ष व विपक्ष के लोग हल निकालें स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने शुक्रवार को सदन में कहा- सिरमटोली फ्लाईओवर के रैंप निर्माण का मामला सरकार देखे। आदिवासियों को पर्व मनाने में कोई बाधा न आए। पक्ष-विपक्ष के लोग वहां जाएं और समस्या का समाधान निकालें। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक रामेश्वर उरांव ने सिरमटोली फ्लाईओवर के लिए हरमू रोड से जगन्नाथ मंदिर तक मानव शृंखला बनाए जाने का मामला उठाया। कहा- जहां रैंप बनाया जा रहा है, वहां सरना स्थल है। रैंप बनने से सरना स्थल बाधित हो रहा है।


