सिलवानी क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और गंभीर वोल्टेज समस्या से परेशान किसानों ने सोमवार को स्टेट हाईवे-44 (सिलवानी–भोपाल मार्ग) पर चक्का जाम कर दिया। यह प्रदर्शन एमपीईबी कार्यालय के सामने किया गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। किसानों ने बताया कि नगपुरा, नगझिरी, सेमराखारा, महुआखेड़ा, जामनपानी, घोघरी, सोनपुरा, रायपानी सहित करीब 20 गांवों में अधिक विद्युत भार के कारण वोल्टेज की गंभीर समस्या बनी हुई है। कम वोल्टेज के चलते कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मोटरें और घरेलू विद्युत उपकरण ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। नए फीडर लगाने और पावर हाउस की क्षमता बढ़ाने की मांग
प्रदर्शन कर रहे किसानों की प्रमुख मांगों में क्षेत्र में नवीन विद्युत फीडर की स्थापना, पुराने और कमजोर तारों व खंभों को बदलना तथा प्रतापगढ़ पावर हाउस की क्षमता 3000 केवी से बढ़ाकर 5000 केवी करने की मांग शामिल है। किसानों ने बताया कि नए फीडर के लिए वन विभाग की अनापत्ति भी जरूरी है। पहले भी दी थी शिकायत, नहीं हुआ समाधान किसानों का आरोप है कि वे पहले भी बिजली विभाग को समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया, जिससे उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अधिकारियों के आश्वासन पर खुला जाम चक्का जाम की सूचना पर एसडीएम हर्षल चौधरी, बिजली कंपनी के एजीएम पराग धाबड़े और एसडीओपी अनिल मौर्य मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उनकी मांगों पर गुरुवार तक समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। प्रदर्शन के दौरान की तस्वीरें


