छिंदवाड़ा में अमानक कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद सिवनी जिले में भी जांच अभियान चलाया गया है। कलेक्टर शीतला पटले के निर्देश पर गठित औषधि निरीक्षक दल ने मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। इस दौरान अमानक पाए गए सिरप की 134 शीशियां जब्त कर स्टॉकिस्ट को निर्माता कंपनी को लौटाने के निर्देश दिए गए। औषधि निरीक्षक ने बताया कि छिंदवाड़ा से जांच के लिए भेजे गए 13 नमूनों में से वयस्कों के लिए उपयोग होने वाले दो सिरप मंधौल सिरप (रिलाइफ) और रेसफिकेश टीआर सिरप अमानक पाए गए हैं। सिवनी में कार्रवाई के दौरान निरीक्षण दल ने फिक्स डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) वाली सिरप के छह नमूने भी लिए। अमानक पाए गए सिरप के दो स्टॉकिस्ट सिवनी में मिले। रिलाइफ सिरप का कोई स्टॉकिस्ट नहीं मिला, जबकि रेसफिकेश टीआर सिरप के स्टॉकिस्ट गुरुकृपा मेडिकल एजेंसी और हेमंत ड्रग्स पाए गए। गुरुकृपा मेडिकल एजेंसी के पास से 134 शीशियां जब्त की गईं। इन्हें निर्माता कंपनी को लौटाने और बिक्री बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। हेमंत ड्रग्स के पास स्टॉक नहीं मिला, लेकिन उसने यह सिरप कई खुदरा दुकानों को बेची थी। सभी खुदरा दुकानों को स्टॉक वापस करने और विक्रय रोकने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए क्लोफेनियमाइन मेलीएट 2 मि.ग्रा. और फिनाइलफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड 5 मि.ग्रा. फार्मूले वाली एफडीसी दवाओं पर चेतावनी अंकित करना अनिवार्य किया है। इसी लेबलिंग की जांच के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है और बिना चेतावनी वाले उत्पादों को लौटाने के निर्देश दिए गए हैं।


