सिवनी जिले के उगली थाना प्रभारी सदानंद गोदेवार पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर एक गोलीकांड के मामले में गवाही बदलवाने और पवार समाज को अपशब्द कहने का दबाव बनाने का आरोप है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई है। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी को जांच से हटा दिया है। आरोपों की जांच केवलारी एसडीओपी को सौंपी गई है। यह मामला उगली थाना क्षेत्र के खुर्सीपार में बीते माह 19 नवंबर को हुई एक घटना से जुड़ा है। यहां रेत खदान में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद फायरिंग हुई। इस घटना में इमली टोला निवासी विकास पटले नामक युवक के पेट में गोली लगी थी। घटना के बाद उगली थाना प्रभारी सदानंद गोदेवार ने अनुराग तिवारी, प्रदीप ठाकुर, लवलीन सिंह सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने अनुराग तिवारी और प्रदीप ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया था, बाद में एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया। पीड़ित परिवार के सदस्यों का आरोप है कि गोलीकांड की जांच कर रहे सदानंद गोदेवार ने घायल विकास पटले के चाचा अनिल पटले और रिपोर्ट दर्ज कराने वाले योगीनाथ पटले पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उनसे कहा जा रहा था कि वे गोली चलाने में अनुराग तिवारी का नाम लें। अनिल पटले इस घटना के चश्मदीद गवाह हैं। अनिल पटले का आरोप है कि शिनाख्त परेड के लिए उगली थाना प्रभारी सदानंद गोदेवार उन्हें अपने सरकारी वाहन से जेल ले गए थे। रास्ते भर वे अनिल पटले पर यह दबाव बनाते रहे कि वह शिनाख्ती परेड में अनुराग तिवारी को पहचान लें और यही बयान दें कि अनुराग तिवारी ने गोली चलाई थी। अनिल पटले ने थाना प्रभारी से कहा कि जब उन्होंने देखा ही नहीं कि गोली किसने चलाई, तो वे किसी व्यक्ति का नाम कैसे ले सकते हैं।


