भास्कर न्यूज | चित्तरंजन चित्तरंजन में सिविल डिफेंस ने बुधवार को विशेष सुरक्षा प्रशिक्षण कराया। मकसद था युद्ध या किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखने की जानकारी देना। यह प्रशिक्षण देशबंधु बालक व बालिका विद्यालय और इंग्लिश मीडियम स्कूल में हुआ। इसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में सायरनों की उपयोगिता समझाई गई। बताया गया कि कौन सा सायरन खतरे का संकेत देता है और कौन सामान्य स्थिति का। सिविल डिफेंस के कर्मियों ने दिखाया कि सायरन बजते ही क्या करना चाहिए। इंस्पेक्टर एम. के. सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य है लोगों की जान बचाना, संपत्ति की हानि कम करना और औद्योगिक उत्पादन को जारी रखना। सही समय पर सही कदम उठाने से बड़ा नुकसान टाला जा सकता है। खतरे का सायरन बजते ही सभी लाइटें बुझा दें : प्रशिक्षण में बताया गया कि हवाई हमले या अन्य खतरे की स्थिति में क्या करें। जैसे ऊंची इमारतों के नीचे शरण लें, खुले मैदान में लेट जाएं, चेहरा और कान ढंकें। खतरे का सायरन बजते ही सभी लाइटें बुझा दें। लोगों को सलाह दी गई कि टॉर्च, मोबाइल चार्जर, पानी और सूखा खाना हमेशा तैयार रखें। अफवाहें न फैलाएं और घबराएं नहीं। छात्रों ने कार्यक्रम में उत्साह से भाग लिया। उन्होंने सिविल डिफेंस के सदस्यों से सवाल पूछे और जानकारी ली। व्यावहारिक प्रशिक्षण से उन्होंने सुरक्षा उपायों को अच्छे से सीखा। इस कार्यक्रम में इंस्पेक्टर एम. के. सिंह के साथ शुभेंदु विश्वास, भूपेंद्र सिंह, नारायण साव, राकेश पांडे, शरतचंद्र महतो, राजेश कुमार सिंह, रवि मंडल, सुभाष प्रसाद, रमाकांत मंडल, अजय राम, जे. एन. शर्मा और आर. के. प्रसाद मौजूद थे। सिविल डिफेंस की यह पहल चित्तरंजन के लोगों को आपात स्थिति के लिए तैयार कर रही है। यह देश की आंतरिक सुरक्षा और जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।


