भास्कर न्यूज। धौलपुर जिले में रोडवेज प्रशासन द्वारा सिविल डिफेंस के जरिए खाली पदों को भरने का सकारात्मक असर दिखने लगा है। पहले जहां स्टाफ की कमी के कारण कई रुट प्रभावित थे,वहीं अब बसों का संचालन व्यवस्थित हो गया हैं। रोजाना करीब 26 हजार किलोमीटर का संचालन कर रही हैं, जो पिछले दिनों के मुकाबले करीब 4 हजार किलोमीटर अधिक है। जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल पा रही है और निगम की आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं। जानकारी के अनुसार,चालकों और परिचालकों की कमी लंबे समय से रोडवेज के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इसके चलते कई फेरे रद्द करने पड़ते थे,कई महत्वपूर्ण रुट की बसे बंद पड़ी थी। रोडवेज बसों का विभाग पूरा उपयोग नहीं कर पा रहा था। जिसके कारण रोडवेज को प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख रुपए तक का राजस्व घाटा झेलना पड़ रहा था। लेकिन सिविल डिफेंस से कर्मियों की उपलब्धता होने के बाद लंबित व बंद रुट फिर से शुरु किए गए और बसों की समयपालन व्यवस्था में भी सुधार आया हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने से टिकट आय में भी वृद्धि दर्ज की गई हैं,जिससे रोडवेज धीरे-धीरे घाटे की स्थिति से बाहर निकलता नजर आ रहा हैं। रोडवेज प्रबंधन का लक्ष्य आने वाले समय में और अधिक रुटों पर संचालन बढ़ाने का हैं। यदि इसी तरह स्टाफ की उपलब्धता बनी रही तो निगम की वित्तीय स्थिति में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि धौलपुर डिपो की बसों के लिए प्रतिदिन 26 हजार किलोमीटर चलना अनिवार्य हैं। रोडवेज के प्रत्येक चालक को महीने भर में 3 हजार किलोमीटर बस चलानी हैं। इस लक्ष्य के पूरा नही होने पर रोडवेज को राजस्व घाटा होना स्वभाविक हैं। पहले बस 22 से 22,500 किलोमीटर दौड़ रही थी। जिसके कारण रोजाना राजस्व 8 से 9 लाख प्रतिदिन रह गया था,लेकिन अब प्रतिदिन रोडवेज सभी रुट पर बस संचालित कर प्रतिदिन 11 से 14 लाख रुपए की आय अर्जित कर पा रहा हैं। जिससे रोडवेज का घाटा कम हुआ हैं। ^ सिविल डिफेंस से मिले कार्मिकों से रोडवेज में रिक्त पड़े परिचालकों के पद भर गए हैं। अब सभी 52 रुट पर बसों का संचालन हो पा रहा हैं। आने वाले समय में डिपो को कुछ अनुबंधित और विभाग की ओर से नई बसे मिलने की उम्मीद हैं। वहीं होली व कैला देवी मेले को लेकर भी विभाग अतिरिक्त बसों को चलाने की योजना तैयार कर रहा हैं, —जगजीत सिंह, क्षेत्रिय प्रबंधक, रोडवेज डिपो धौलपुर बता दे कि सिविल डिफेंस में चयनित 35 कार्मिकों को रोडवेज विभाग ने बस सारथी बनाया हैं,जो बसों में परिचालक बनकर यात्रियों की टिकट काटते हैं और उन्हें सुविधाजनक यात्रा का अनुभव कराते हैं। पहले चालक व परिचालकों की कमी के कारण धौलपुर -आगरा, धौलपुर- बाड़ी- आगरा, धौलपुर- कैला देवी, बसेड़ी- आगरा -ग्वालियर , धौलपुर- बसेड़ी- जारगा, धौलपुर- जयपुर रुट पर बसों की संख्या में कम थी व कुछ रुट पूरी तरह ठप पड़े थे। लेकिन रोडवेज में खाली रिक्त भरने के बाद इन सभी रुटों पर बसों का संचालन शुरु हो गया हैं। बसेड़ी-जारगा के बीच रोडवेज बस सेवा शुरु कर दिया गया हैं। धौलपुर से कैलादेवी जाने वाली सभी बसें संचालित हो रही हैं। आगरा-धौलपुर बस सेवा शुरु कर दी गई हैं।


