सिविल सर्जन ने किया बालाघाट जिला अस्पताल का निरीक्षण:प्रसूति वार्ड में व्यवस्था बदली, महिला मरीज के साथ अब केवल अटेंडर रहेगा

बालाघाट जिला अस्पताल में उपचार में देरी और अनियमितताओं की शिकायतों के बाद सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने शनिवार, 6 दिसंबर को दो घंटे का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रसूति वार्ड की व्यवस्थाओं में बदलाव के निर्देश दिए, जिसके तहत अब महिला मरीजों के साथ केवल एक महिला अटेंडर ही रह सकेगी। पिछले एक महीने में जिला अस्पताल में दो गर्भस्थ शिशुओं की मौत और प्रसव के लिए स्टाफ द्वारा पैसे मांगने की घटनाओं ने अस्पताल की छवि को धूमिल किया था। उपचार में देरी और मरीजों से राशि की मांग जैसे मामलों के कारण अस्पताल प्रबंधन पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर डॉ. जैन ने आरएमओ, ठेकेदार और चिकित्सकीय स्टाफ के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों को तुरंत सुधारने के निर्देश दिए। उनका विशेष ध्यान प्रसव के दौरान महिलाओं और मरीजों को आ रही समस्याओं पर केंद्रित था। प्रसूति वार्ड में मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अब प्रसूताओं के इलाज से पहले उनकी संपूर्ण जानकारी एकत्र की जाएगी और स्वास्थ्य से लेकर प्रसव तक का परामर्श दिया जाएगा। साथ ही, महिला मरीजों के साथ केवल महिला अटेंडर को ही रहने की अनुमति होगी, जिसके लिए अस्पताल प्रबंधन पास जारी करेगा। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रॉमा सेंटर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार के साथ-साथ मेट्रन की ड्यूटी लगाई जाएगी और लगातार घोषणा की जाएगी कि जिला अस्पताल में चिकित्सा के लिए किसी को कोई राशि न दी जाए। आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी नई गाइडलाइन तैयार की गई है, जिसके तहत उन्हें मरीज को अस्पताल लाने के बाद उसकी और अपनी पूरी जानकारी देनी होगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *