दतिया के परासरी उपस्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ सीएचओ डॉ. नेहा श्रीवास्तव ने सीएमएचओ डॉ. बीके वर्मा पर मानसिक प्रताड़ना और अपमानजनक शब्दों के प्रयोग का गंभीर आरोप लगाया है। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, सीएमएचओ द्वारा बैठकों में उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं। इन आरोपों के बाद, सोशल मीडिया पर डॉ. श्रीवास्तव का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके जवाब में सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने आरोपों को झूठा बताते हुए खंडन जारी किया है। यह मामला तब सामने आया जब सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने सोमवार को परासरी उपस्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया और अनुपस्थित पाए जाने पर डॉ. श्रीवास्तव को नोटिस जारी किया। डॉ. श्रीवास्तव का दावा है कि वे सीएमएचओ के ही आदेश पर अन्यत्र ड्यूटी पर थीं और इससे पहले स्वीकृत अवकाश पर थीं। उनके पास इसके लिखित आदेश भी मौजूद हैं। वायरल वीडियो में डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि वे सीएमएचओ के कारण अत्यधिक मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए सीएमएचओ जिम्मेदार होंगे। पांच दिन की सैलरी काटने का निर्देश दिया था
सूत्रों के अनुसार, इस विवाद की जड़ 24 दिसंबर को सीएमएचओ डॉ. वर्मा द्वारा जारी किया गया एक आदेश है। इस आदेश में विभिन्न कार्यक्रमों में प्रगति न होने के कारण सीएचओ का 5 दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया था। सीएचओ ने इस आदेश का विरोध करते हुए सीएमएचओ कार्यालय को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने अपने कार्य को बेहतर बताते हुए मूल वेतन से राशि न काटने का अनुरोध किया था। माना जा रहा है कि यही विरोध उन्हें भारी पड़ गया। इस मामले पर सीएमएचओ डॉ. बीके वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह तो चोरी और सीनाजोरी है। कैचअप राउंड था। मौके पर नहीं मिलीं तो नोटिस दिया। नियमानुसार जवाब देना चाहिए था।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें डॉ. श्रीवास्तव के खिलाफ मौखिक शिकायतें भी मिल रही थीं। डॉ. वर्मा ने आरोप लगाया कि डॉ. श्रीवास्तव ने आज (मंगलवार) ही ग्वालियर से कार में बैठकर अटेंडेंस लगाई है और वे कलेक्टर को सभी साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।


