करौली जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जयंतीलाल मीना ने चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएमएचओ ने सीएचसी लांगरा, उप जिला अस्पताल मंडरायल और आयुष्मान आरोग्य मंदिर (जनता क्लिनिक) मंडरायल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने सीएचसी लांगरा में आयोजित सेक्टर बैठक को संबोधित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सेक्टर बैठकों का आयोजन गुणवत्तापूर्ण किया जाए। प्रत्येक एएनएम को अपने सेक्टर में टीकाकरण और पीएमएसएमए कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित करने के लिए कहा गया। डॉ. मीना ने 10 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन वाली गर्भवती महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन से लाभान्वित करना सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साथ ही, कम प्रगति वाली एएनएम को नोटिस जारी करने के लिए प्रभारी को निर्देशित किया गया। सीएचसी प्रभारी को स्वास्थ्य कर्मियों को नियमानुसार डे-ऑफ देने के लिए भी पाबंद किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर मंडरायल के निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने चिकित्सा अधिकारी एवं कार्मिकों को ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाने, निर्धारित समय तक संस्थान में उपस्थित रहने और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप जिला अस्पताल मंडरायल के निरीक्षण के समय कार्मिकों को यूनिफॉर्म और आईडी कार्ड के साथ ड्यूटी करने, ओपन वायल पॉलिसी का पालन करने तथा आईएलआर (आइस लाइन्ड रेफ्रिजरेटर) में तापमान संधारण, आइस पैक जमाने की स्थिति और रिकॉर्ड संधारण में सुधार के निर्देश दिए गए। आईएलआर रजिस्टर में डीफ्रोज की नियमित प्रविष्टि करने के भी निर्देश प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, मंडरायल में नव संचालित कृष्णा हॉस्पिटल का भी निरीक्षण किया गया। मौके पर मौजूद चिकित्सक द्वारा ओपीडी सेवाएं संचालित किए जाने की जानकारी दी गई। सीएमएचओ ने अस्पताल संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


