मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए CMHO डॉ. छोटेलाल गुर्जर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। गुरुवार शाम और रात्रि के समय डॉ. गुर्जर ने बिना किसी पूर्व सूचना के उप जिला अस्पताल खेतड़ी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बुहाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल इमरजेंसी सेवाओं को जांचा, बल्कि वार्डों में जाकर मरीजों से सीधा संवाद कर फीडबैक भी लिया। दवाओं और सेवाओं की ली जानकारी सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने अपने दौरे की शुरुआत उप जिला अस्पताल खेतड़ी से की। वहां पहुँचते ही उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी यूनिट का निरीक्षण किया, जहां राहत की बात यह रही कि ड्यूटी पर तैनात समस्त स्टाफ मुस्तैद मिला। डॉ. गुर्जर ने वार्डों में भर्ती मरीजों से बातचीत की और पूछा क्या डॉक्टर ने कोई दवा बाहर से तो नहीं मंगवाई, इस पर मरीजों ने सकारात्मक जवाब देते हुए बताया कि सभी दवाएं और उपचार अस्पताल से ही निःशुल्क मिल रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश: उन्होंने पीएमओ डॉ. अक्षय शर्मा को निर्देश दिए कि ‘माँ योजना’ के तहत मैसेज और कवरेज बढ़ाएं, अस्पताल में प्रसव (डिलीवरी) की संख्या में वृद्धि करें और ‘लाडो योजना’ की पेंडेंसी को तत्काल दूर करें। प्रसूताओं से कलेवा योजना का लिया फीडबैक खेतड़ी के बाद सीएमएचओ बुहाना सीएचसी पहुंचे। यहां उन्होंने रात्रि कालीन ड्यूटी डॉक्टर से मुलाकात कर व्यवस्थाएं जांचीं। विशेष रूप से प्रसूति वार्ड में जाकर उन्होंने नवजात शिशुओं की माताओं से बातचीत की। मुफ्त भोजन और देखभाल: डॉ. गुर्जर ने प्रसूताओं से पूछा कि क्या उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित खाना और दवाएं समय पर मिल रही हैं। प्रसूताओं ने बताया कि उन्हें अस्पताल से ही पूरा भोजन और दवाएं दी जा रही हैं। डॉ. गुर्जर ने उन्हें बताया कि ‘कलेवा योजना’ के तहत सरकार की ओर से प्रसूताओं को निशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने कहा कि आगामी दिनों में भी इसी तरह रात्रि कालीन सेवाओं का औचक निरीक्षण जारी रहेगा। यदि कहीं भी ड्यूटी में लापरवाही मिली या मरीजों को परेशान किया गया, तो संबंधित के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


