नगर निगम में गलत तरीके से बहाल किए गए 28 इंफोर्समेंट कर्मचारियों का मामला सीएमओ और नगर विकास विभाग पहुंच गया है। आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज कुमार ने मुख्यमंत्री और नगर विकास सचिव को पत्र लिखकर पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि निगम के पूर्व प्रशासक अमित कुमार ने 15 माह पहले 30 इंफोर्समेंट कर्मचारियों को हटा दिया था। क्योंकि, इंफोर्समेंट कर्मचारियों द्वारा पूरे शहर में खुलेआम वसूली की जा रही थी। वसूली की राशि ऊपर तक बंटती थी। हाईकोर्ट को भी शपथपत्र के माध्यम से बताया गया था कि इंफोर्समेंट कर्मचारियों को हटा दिया गया है। इसके बाद गुपचुप तरीके से 28 इंफोर्समेंटकर्मियों को बहाल कर लिया गया। जबकि, नियमत: संविदा पर नियुक्त कर्मचारी को हटाने के बाद बिना प्रक्रिया के दुबारा बहाल नहीं किया जा सकता। इस नियुक्ति में बड़े पैमाने पर लेन-देन की बात भी सामने आ रही है। इसलिए पूरे मामले की जांच कराएं, ताकि शहर के लोग दुबारा इंफोर्समेंट कर्मचारियों के भयादोहन का शिकार होने से बच सकें।


