सीएम की बैठक:अब किसानों की होगी डिजीटल पहचान, कृषि भूमि और आधार से जोड़ी जाएगी ‘किसान रजिस्ट्री’

प्रदेश के किसानों की अब डिजीटल पहचान होगी। हर किसान की यूनिक आईडी बनेगी। किसान की कृषि भूमि को आधार कार्ड से जोड़कर किसान रजिस्ट्री बनाई जाएगी। इसमें किसान के डेटाबेस की पूरी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। अब इसी किसान रजिस्ट्री के आधार पर ही पीएम किसान सम्मान निधि, केसीसी लोन, एमएसपी पर फसल की बिक्री सहित अन्य सरकारी योजनाओं को फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने गुरुवार को राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव दिनेश कुमार ने फार्मर रजिस्ट्री योजना का प्रजेंटेशन दिया। इस दौरान मुख्य सचिव सुधांश पंत भी मौजूद रहे। यह होगा फायदा आईडी के माध्यम से कई सरकारी योजनाओं व सेवाओं तक किसानों की आसान पहुंच होगी। किसान की फसल व फसल सीमा के अनुसार डिजिटल तरीके से किसान क्रेडिट कार्ड से लोन मिल सकेगा। मौसम के आधार पर कीट व बीमारी की भविष्यवाणी हो सकेगी। किसान के लिए एकल खिड़की विकल्प का फायदा मिलेगा।
यह है किसान रजिस्ट्री इसमें किसान का डेटाबेस होगा। इसमें किसान की सभी जमीनें डेटाबेस में शामिल की जाएगी। हर किसान का आधार जोड़ा जाएगा। प्रत्येक भूमि आईडी में किसान के स्वामित्व की सीमा होगी। इसके बाद किसान का एक आईडी होगा। डेटाबेस में लघु, सीमांत व बड़े किसान का श्रेणी भी होगी। ताकि सरकारी योजनाओं का फायदा उसके अनुसार मिलेगा। किसान रजिस्ट्री में हर किसान की पूरे प्रदेश में कहां कहां व कितनी जमीन है, वह भी रिकॉर्ड रहेगा। हर खेत की आईडी भी लिखी जाएगी। इस डेटा बेस में किसान के पशुधन व फसल की जानकारी भी होगी। इसके पास किस तरह का मोबाइल है और सरकारी योजनाओं का फायदा लेने की जानकारी भी होगी। कर्मचारी सुझावों को यथासंभव बजट में शामिल करेंगे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को सीएमओ में कर्मचारी संघों के साथ बजट पूर्व संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि कर्मचारियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। विकसित और खुशहाल राजस्थान के लक्ष्य के लिए कार्मिक समर्पण एवं सेवाभाव के साथ काम करें तथा आगामी बजट 2025-26 में कर्मचारी संगठनों से प्राप्त सुझावों को परीक्षण कर यथासंभव शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 8 करोड़ जनता की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने में कर्मचारियों की बड़ी भूमिका होती है। कर्मचारियों के हित में लिए अहम फैसले सीएम ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई फैसले लिए हैं। कार्मिकों को पदोन्नति के लिए वर्ष 2023-24 में वांछित अनुभव में 2 वर्ष की शिथिलता दी गई है। राजस्थान सिविल सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाहियों में परिनिंदा दंड का प्रभाव पदोन्नति पर नहीं होने संबंधी प्रावधान, जमादार ग्रेड-फर्स्ट एवं मुख्य जमादार का नया पद सृजन, सभी राजसेवकों को लंबित कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन भरने के लिए 31 जनवरी 2025 तक का समय देने जैसे निर्णय किए।

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