देश के सबसे स्वच्छ शहर में पेयजल त्रासदी से 16 लोगों की जान जाने के मामले में शुक्रवार को अफसरों पर कार्रवाई की गई। सरकार ने निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटा दिया। वहीं अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और 13 वर्षों से शहर की जल वितरण व्यवस्था संभाल रहे प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। इससे पहले प्रशासनिक फेरबदल में खरगोन जिला पंचायत के सीईओ आकाश सिंह और आलीराजपुर जिला पंचायत के सीईओ प्रखर सिंह को इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है। इंदौर में पदस्थ उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक को भी अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य सचिव सहित आला अफसरों के साथ मामले की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की। इधर नगरीय प्रशासन एसीएस संजय दुबे ने शुक्रवार को भोपाल निगमायुक्त संस्कृति जैन को मंत्रालय तलब किया। उन्हें निर्देश दिए हैं कि शहर में निगम के अफसर तुरंत मैदान में उतरें व जलापूर्ति नेटवर्क की जांच करें। अब जागे… पूरे प्रदेश के लिए जलापूर्ति की SOP जारी 7 दिन में करें पूरे नेटवर्क की जांच रिसाव हो तो 48 घंटे में दुरुस्त करें
शुक्रवार देर शाम नगरीय प्रशासन विभाग ने 16 नगर निगमों सहित सभी 413 निकायों को निर्देश जारी कर कहा कि अगले 7 दिनों में अपने-अपने क्षेत्रों में जलापूर्ति नेटवर्क में रिसाव की जांच करें, ये देखें कि पेयजल की क्वालिटी क्या है और कहीं रिसाव मिले तो 48 घंटों में पाइपलाइन दुरुस्त करें। इसके लिए विभाग ने एसओपी बनाकर जारी कर दी है। ये काम दो चरणों यानी शार्ट टर्म और लॉन्ग टर्म योजना में होगा। तात्कालिक समाधान के तौर पर हर शहर-कस्बे में ऐसी हर पेयजल लाइन जांची जाएगी जो घनी आबादी में है या 20 साल से पुरानी है। राहुल बोले… इंदौर में पानी नहीं जहर बंटा, प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा
इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से भाजपा नेताओं के अहंकारी बयान। शिकायत के बाद भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों-नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं। साफ पानी अहसान नहीं, जीवन का अधिकार है और इस अधिकार की हत्या के लिए बीजेपी का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व जिम्मेदार है। मंत्री विजयवर्गीय से भास्कर सवाल- सबसे साफ शहर में पानी से 16 मौतें, जिम्मेदार कौन? जवाब- पानी से मौत यानी हमारे सिस्टम में भी खामी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई है…


