मुख्यमंत्री भजनलाल ने सरकारी हॉस्पिटल में इलाज करने वाले डॉक्टरों से कहा- जिस क्षेत्र में आप काम कर रहे हैं। मरीज आपको भगवान के रूप में देखता है। वह परेशानी में होता है, इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि हमारा व्यवहार उनके साथ अच्छा हो। सरलता और सौम्यता से आधी बीमारी खत्म हो जाती है। सीएम ने कहा- मुझे पता है आप 10-12 घंटे की ड्यूटी वाले हैं, लेकिन 24 घंटे ड्यूटी करते हैं। आप पीड़ा को समझते हैं। कभी मरीजों और डॉक्टरों में छोटी बात पर कहासुनी हो जाती है। हम रोज सुनते हैं। हमारे परिवार में दिक्कत होती है तो हम भी परेशान होते हैं। वो भी हमारे परिवार का है। सीएम भजनलाल वर्ल्ड हेल्थ डे पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में बोल रहे थे। यहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘निरामय राजस्थान अभियान’ की शुरुआत की और 24 रामरथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ के जरिए गांवों में हर महीने में 2 बार जांच और इलाज की सुविधाएं आमजन तक पहुंचाई जाएगी। मरीज आपके लिए मेहमान की तरह
मुख्यमंत्री ने कहा- हम उसके नहीं जा रहे। वो हमारे यहां आ रहा है। कोई मरीज आपके यहां, आपके घर आता है तो वह आपका मेहमान है। जिस तरह हम अपने मेहमान से व्यवहार करते हैं। उसी तरह का व्यवहार आप उनके साथ करें। क्योंकि एक मरीज या उसका परिजन बहुत परेशानियों में होता है। आपके पास बड़ी उम्मीद और आशा लेकर पहुंचता है। मेरा निवेदन है कि ये प्रदेश निरोगी राजस्थान तभी बनेगा, जब आपका सहयोग मिलेगा। आपका व्यवहार उनके प्रति विनम्र और सौम्य होगा। स्कूली शिक्षा में शामिल करेंगे कोर्स
मुख्यमंत्री ने आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को सबसे जरूरी बताया। उन्होंने कहा- जिस तरह कच्चे घड़े को एक प्रजापत कच्चेपन में ही शेप दे सकता है। ठीक उसी तरह हम भी अगर बचपन में ही बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करेंगे तो वह बीमार कम होंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि हम प्राथमिक और उच्च स्तर की शिक्षा में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने वाले कोर्स की शुरुआत करें। बचपन से ही बच्चों में अपने शरीर और स्वास्थ्य के अवेयरनेस बढ़े। बीपी, शुगर और कैंसर अलार्मिंग मोड पर
कार्यक्रम में हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा- देश में बीपी, शुगर और कैंसर की बीमारी अलार्मिंग मोड पर है। अब हमे प्रिवेंटिव तरीकों पर भी ध्यान देना होगा। आज ये बीमारी आपको हर घर में देखने को मिल रही है। समय आ गया है अब इससे बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रयास किया जाए। डॉक्टरों की कार्यशैली और उनके 24 घंटे काम करने की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने मरीजों के प्रति थोड़ा व्यवस्था में भी सुधार और नरमी बरतने का आग्रह किया। ये खबर भी पढ़िए… किरोड़ी बोले- इस्तीफा स्वीकार नहीं किया,काम तो करूं,विभाग उजड़ रहा:रणथंभौर टाइगर रिजर्व में अवैध गतिविधियां चल रहीं, बाघों का दम घुट रहा कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने 9 महीने बाद विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान मीडिया से बात की। अब तक एक्टिव नहीं होने के सवाल पर किरोड़ी ने कहा- मैंने रुचि नहीं ली, जिसका कारण आपको पता है। वहां की सीटें हार गया था, नैतिकता की नाते मैंने इस्तीफा दे दिया था। मैंने कोशिश की मुख्यमंत्री स्वीकार कर लें। इस्तीफा स्वीकार नहीं किया, काम तो करूं। मेरा विभाग उजड़ रहा है। पिछली भी जो गड़बड़ हुई है, उसको सही करना है। विभाग को तेज गति से चलाना मेरी प्राथमिकता है। (पूरी खबर पढ़ें)


