छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया। बगिया स्थित कार्यालय से उन्होंने किसान कॉल सेंटर, एग्रीबिड और क्यूआर कोड-आधारित जी कॉम इंडिया का अनावरण किया, ताकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल सके और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर में आम, लीची, नाशपाती के साथ-साथ चाय, कटहल जैसी फसलों का बहुतायत में उत्पादन होता है, लेकिन बाजार के विकल्प न होने से किसानों को अपनी फसलें औने-पौने दामों में बेचनी पड़ती थीं। अब जी कॉम इंडिया के क्यूआर कोड के माध्यम से किसान अपनी फसलें सीधे देश के किसी भी कोने में बैठे खरीदार को बेच सकेंगे, जिससे उन्हें बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में मत्स्य पालन और पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। एनडीडीबी के साथ मिलकर राज्य के 6 जिलों में दुधारू पशुओं के वितरण के साथ-साथ ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस अवसर पर अर्जुन मुंडा, गोमती साय, विधायक रायमुनी भगत और सालिक साय सहित नागरिक मौजूद थे। शैक्षणिक भ्रमण का अवसर
कृषि में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कृषि क्रांति एवं आत्मा योजना के तहत 35 किसानों के एक दल को रायपुर और दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दल में कुनकुरी के 15 और कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं। ये किसान वहां जाकर वैज्ञानिक खेती और खाद्य प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त करेंगे और उसे अपने जिले में लागू करेंगे। किसानों को मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन किसान कॉल सेंटर के माध्यम से किसानों को खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा मिलेगा। इसके लिए जिला प्रशासन और एग्रीबिड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। कॉल सेंटर का हेल्पलाइन नंबर 08069378107 है, जिस पर किसान कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप के जरिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस केंद्र में विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और अन्य कृषि विशेषज्ञों सहित 12 लोगों की एक टीम किसानों की मदद के लिए काम करेगी। मिलेंगे देशभर के खरीदार
जी कॉम इंडिया के क्यूआर कोड के माध्यम से, किसान अपने उत्पादों को सीधे पूरे देश के खरीदारों तक पहुंचा सकते हैं। यदि किसी व्यक्तिगत किसान के पास उत्पाद की मात्रा कम हो, तो वे अपने साथी किसानों के साथ मिलकर क्रेता को सामूहिक रूप से उत्पाद उपलब्ध करा सकते हैं। इस पहल से धान के अलावा तिलहन, दलहन और अन्य नकदी फसलों को भी घर बैठे उचित मूल्य मिलेगा। एनीकट पुनर्निर्माण व सब स्टेशन के लिए दिए 30- 30 करोड़ : नरहरपुर में रविवार को आदिवासी समाज के ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी घोषणा करते बागोड़ एनीकट पुर्ननिर्माण के लिए 30 करोड़ तथा नरहरपुर में 132 विद्युत सब स्टेशन के लिए 30-30 करोड़ देने घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा आज आपका आदिवासी भाई मुख्यमंत्री है। समाज व छग के विकास के लिए मार्गदर्शन व आशीर्वाद की जरूरत है। आदिवासी समाज को आगे बढ़ाना है तो शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। केंद्र व प्रदेश सरकार ने विभिन्न योजनाएं लाई है। साल 2024 से नई शिक्षा नीति लागू की है।


