आगर मालवा में सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा पर एक युवक के साथ मारपीट का आरोप लगा है। शनिवार को गवली पूरा निवासी दिलीप गवली ने दावा किया है कि बयान बदलने के दबाव में उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनके कान का पर्दा फट गया। इस मामले में 15 दिन बाद भी कार्रवाई न होने पर शनिवार को बड़ी संख्या में गवली समाज के लोग और पीड़ित युवक एसपी कार्यालय पहुंचे। एसपी कार्यालय का घेराव कर की नारेबाजी प्रदर्शनकारियों ने एसपी कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और एएसपी रविंद्र कुमार बोयट को ज्ञापन सौंपा। समाज ने सीएसपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता दिलीप गवली ने बताया कि चेक बाउंस का एक मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में उनके बयान पहले ही थाना स्तर पर दर्ज हो चुके थे और आगर थाना प्रभारी ने उन्हीं बयानों के आधार पर केस बंद कर दिया था। सीएसपी पर बयान बदलने का दबाव बनाने का आरोप दिलीप का आरोप है कि 11 नवंबर 2025 को उन्हें सीएसपी कार्यालय बुलाया गया, जहां बयान बदलने के लिए उन पर अवैध दबाव बनाया गया। विरोध करने पर सीएसपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। इस मारपीट में उनके कान का पर्दा फट गया। दिलीप गवली के अनुसार, उनके पास इस चोट का चिकित्सकीय परीक्षण और मेडिकल रिपोर्ट मौजूद है। उन्होंने बताया कि यह शिकायत 12 नवंबर को उच्च अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सीएसपी कुशवाहा बोले-सभी आरोप निराधार इस संबंध में सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि युवक से केवल पूछताछ की गई थी और किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। सीएसपी कुशवाहा का कहना है कि गत दिनों सागर होटल पर उनके ओर से की गई कार्रवाई से नाराज होकर एक विशेष समाज के लोगों ने रणनीति के तहत यह गलत और आधारहीन आवेदन प्रस्तुत किया है।


