सीकर नगर परिषद क्षेत्र के पैराफेरी सर्किल में अतिक्रमण तोड़ने का विरोध हो रहा है। चंदपुरा गांव के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन तोड़कर मकान तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले काफी समय से ग्रामीण मकान तोड़ने की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। प्रशासन गोचर जमीन में बने मकानों को तोड़ रहे हैं, लेकिन यहां रहने वाले 70 सालों से इन मकानों में रह रहे हैं। प्रशासन ने पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना मकान तोड़ने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने पुराने निवासियों की पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर कहा कि आदर्श गांव चंदपुरा में काफी वर्षों से गोचर भूमि अवस्थित है, जिसकी चारों ओर की सीमा पर किसानों के खेत है और दलित परिवारों के मकान बने हुए हैं। ये लोग लगभग 70 साल से निवास कर रहे हैं। अधिकांश परिवारों को सन् 1970 में तहसीलदार व ग्राम पंचायत ने आबादी के पट्टे आवंटित किए गए हैं। नगर विकास न्यास की ओर से गोचर भूमि में कॉलोनी काटना प्रस्तावित किया है। जिसमें प्रशासन की ओर से दलित परिवारों के मकानों को चिन्हित कर मकान खाली करने के मौखिक आदेश दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अभी बने हुए मकानों को तोड़कर नया निर्माण करने की कोशिश की जा रही है। दलित परिवार लंबे समय से यहां निवास कर रहे हैं तथा सीमा पर किसानों के खेतों में रबी की फसल है, इसलिए में पूरा गांव परेशानी में है। ग्रामीणों ने मांग की है कि नगर विकास न्यास पक्के मकानों को ना हटाकर खाली गोचर भूमि में अपनी कार्रवाई करे। रबी की फसल पूरी नहीं पकने तक सीमा पर किसानों के खेतों में कोई कार्रवाई नहीं करें। प्रशासन ने मांगे नहीं मानी तो पीड़ित सुसाइड करने को मजबूर हो जाएंगे।


