SOG के पुलिसकर्मी बनकर 25 हजार ठगे:मारपीट में व्यक्ति का हाथ टूटा, थाने ले जाने की धमकी देकर 70 हजार की डिमांड

भरतपुर के सेवर थाना इलाके में दो लोगों फर्जी SOG के पुलिसकर्मी बनकर एक व्यक्ति से 25 हजार रुपए लव लिए, आज पीड़ित व्यक्ति गजेंद्र एसपी ऑफिस इसकी शिकायत करने के लिए पहुंचा। दोनों फर्जी SOG के पुलिसकर्मियों ने गजेंद्र से बुरी तरह मारपीट की, जिसमें गजेंद्र का हाथ भी टूट गया। बोलेरो में आये लोगों ने खुद को बताया पुलिसकर्मी गजेंद्र सिंह निवासी नगला तेरिया गांव ने बताया कि 2 फरवरी को रात करीब 9 बजकर 30 मिनट पर मैं अपने घर पर था। तभी एक बोलेरो गाड़ी मेरे घर आई उनमें जो व्यक्ति बैठे थे। उन्होंने बताया कि हम सेवर थाने से आये हैं। उनमें से एक संजय नाम के पुलिसकर्मी को मैं जानता हूं। स्कूटी से आये लोगों ने खुद को बताया SOG का पुलिसकर्मी
बोलेरो के साथ एक स्कूटी पर दो व्यक्ति भी आये। दोनों व्यक्ति गजेंद्र के घर में घुस गए और गजेंद्र से मारपीट करना शुरू कर दी। मारपीट करने वाले लोगों ने बताया कि SOG से हैं और, गजेंद्र से कहा कि तू सट्टे का काम करता है। इसलिए तू थाने चल। गजेंद्र ने कहा कि वह सट्टे का काम नहीं करता। उसके बाद स्कूटी सवार लोग गजेंद्र से मारपीट करने लगे। थाने नहीं ले जाने के एवज में 25 हजार रुपए लिए घटना में गजेंद्र का हाथ टूट गया। शोर की आवाज सुन गजेंद्र के परिजन भी कमरे में पहुंचे तो, लोगों ने गजेंद्र की पत्नी से भी मारपीट की, जब गजेंद्र के परिजन उनके हाथ जोड़ने लगे तो, स्कूटी सवार लोगों ने गजेंद्र से कहा कि तू 70 हजार रुपए दे नहीं तो, जेल में डाल देंगे। जिसके डर से गजेंद्र के परिजनों ने उन्हें ऑनलाइन 25 हजार रुपए दे दिए। इलाज के नाम पर 5 हजार रुपए लिए पैसे लेने के बाद भी स्कूटी सवार गजेंद्र को अपने साथ लेकर जाने लगे। तब गजेंद्र ने उनसे कहा कि उसके हाथ पैर में काफी दर्द है। तब स्कूटी सवार लोगों ने बोलेरो में सवार लोगों से कहा कि तुम थाने जाओ हम इसे हॉस्पिटल दिखाकर थाने लेकर आ रहे हैं। दोनों लोग गजेंद्र को अस्पताल लेकर गए। वह दोनों एक दूसरे के भूरा और अरविंद नाम ले रहे थे। तब दोनों नव डॉक्टर को दिखाने के नाम पर 5 हजार और ले लिए, जिसके बाद दोनों गजेंद्र को हॉस्पिटल में ही छोड़कर फरार हो गए। गजेंद्र ने जब दोनों के बारे में जानकारी की तो, पता लगा कि दोनों व्यक्ति भूरा गुर्जर निवासी खरेरा और अरविंद निकासी सेवर हैं। जब थाने पर जानकारी की तो, पता लगा कि वह फर्जी SOG के कर्मचारी बनकर आये थे।

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