सीकर में आज हाॅस्टल्स की जमीनों का आवंटन रद्द करने के विरोध में विभिन्न समाजों ने आक्रोश रैली और जमीन आवंटन को यथावत रखने की मांग की। आज पारीक सोशल ग्रुप, सैनी समाज संस्था, मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज और सैन समाज सेवा समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में आक्रोश रैली निकाली। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन देकर इन चारों(सैन, सैनी, सोनी व पारीक) समाज के हाॅस्टल के लिए जमीन आवंटन को रद्द करने का विरोध जताया। चारों समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि आवंटित जमीन पर हाॅस्टल बनाने के लिए डिमांड नोटिस जमा करवा दिए गए, इसके बावजूद जमीन आवंटन को रद्द करना सरकार का निंदनीय कदम है। ज्ञापन देकर पारीक, सैन, सैनी और सोनी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सीकर में ग्रामीण अंचल और दूर से आने वाले स्टूडेंट्स के लिए किफायती हाॅस्टल की बहुत जरुरत है। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार के पिछले कार्यकाल में सीकर यूआईटी ने श्रीमैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार सभा सीकर, सैन समाज सेवा समिति सीकर, पारीक सोशल ग्रुप सीकर को राजस्व ग्राम राधकिशनपुरा के खसरा नं. 1578/159 में हर समाज को 1500-1500 वर्ग मीटर भूमि स्वीकृत की तथा सैनी समाज संस्था सीकर को राजस्व ग्राम राधकिशनपुरा के खसरा नं. 1431/203 में से 1500 वर्ग मीटर भूमि स्वीकृति की थी। इसके बाद लीज डीड तैयार करने के लिए चारों समाजों को डिमांड नोटिस जारी किए गए तो चारों समाजों की संस्थाओं ने लगभग कुल 48 लाख रुपए सीकर यूआईटी के बैंक खाते में 9 अक्टूबर 2023 को जमा करवा दिए। ज्ञापन में लिखा है कि डिमांड नोटिस की पूरी रकम जमा होने के बाद लगातार चारों समाज ने सीएम, यूडीएच मंत्री, कलेक्टर और यूआईटी सेक्रेटरी को पत्र लिखकर आवंटित जमीन की लीज डीड और कब्जा देने के लिए कहा। अब लंबे समय बाद अचानक सैन समाज सेवा समिति को नवंबर 2025 में और मैढ़ क्षत्रिय सभा सीकर, सैनी समाज संस्था सीकर, पारीक सोशल ग्रुप सीकर को जनवरी 2026 को आवंटित भूमि निरस्त किए जाने का पत्र दिया गया। आवंटित भूमि रद्द होने की सूचना मिलते ही चारों समाज में भयंकर आक्रोश व्याप्त है। अब एक संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया गया, जिसके नेतृत्व में आज आक्रोश रैली और अब सीएम के नाम लैटर लिखकर जिला कलेक्टर को दिया है।


