अमृतसर| चीफ खालसा दीवान के पदाधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले का जोरदार स्वागत किया है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आनंद मैरिज एक्ट के तहत नियम बनाकर पंजीकरण की व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया गया है। सीकेडी के अध्यक्ष डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने जारी एक बयान में खुशी का इजहार करते हुए कहा है कि यह फैसला सिख समुदाय के धार्मिक अधिकारों और सिख पहचान को मजबूत करने वाला है। उन्होंने कहा कि चीफ खालसा दीवान के संस्थापक सुंदर सिंह मजीठिया ने अन्य सिख नेताओं के सहयोग से सिख विवाह आनंद कारज को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए एक अनूठा कानून बनाने की मुहिम शुरू की थी और मजीठिया ने ब्रिटिश सरकार से आनंद मेरिज एक्ट पारित करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। चीफ खालसा दीवान ने इस ऐतिहासिक फैसले को सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति और सिख पंथिक पहचान की जीत बताया।


