भोपाल में नए साल के तीसरे दिन शनिवार को सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। शुक्रवार देर रात 2:30 बजे से लेकर शनिवार सुबह 11:30 तक कोहरा छाया रहा। सुबह 8:30 बजे से 9:10 बजे तक सबसे घना कोहरा छाया। इस दौरान विजिबिलिटी 500 मीटर रह गई थी। यहां दिन का तापमान भी 3.6 डिग्री गिरकर 20.2 डिग्री पर आ गया। यह सामान्य से 3.8 डिग्री कम रहा। भोपाल में सीजन में दिन का यह सबसे कम तापमान है। इससे पहले 27 दिसंबर को यह 23.5 डिग्री रहा था। शुक्रवार रात का पारा 110 रहा। 24 घंटे में यह 0.2 डिग्री बढ़ा। इस तरह दिन और रात के तापमान में सिर्फ 9.2 डिग्री का अंतर रह गया था। जमीन के नजदीक बादल 300 मीटर की ऊंचाई तक बादलों की घनी परत… भोपाल में सुबह करीब 8:00 बजे सबसे घना कोहरा था। इस दौरान जमीन से 300 मीटर की ऊंचाई तक बादलों की मोटी घनी परत थी। घना कोहरा क्यों… 100% नमी और धीमी हवा से मौसम वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि अरब सागर से नमी आई। हवा की रफ्तार बहुत धीमी थी। धूप नहीं निकली। वातावरण में 100 फीसदी नमी थी। जब नमी ज्यादा हो और हवा बहुत धीमी हो तो बादल भी नीचे आ जाते हैं। यही कोहरे का रूप धर लेते हैं। इसी कारण दृश्यता कम हो जाती है। यही कारण है कि भोपाल के साथ प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी घना कोहरा रहा। सबसे कम शून्य विजिबिलिटी ग्वालियर में रही। जबलपुर में 50 और इंदौर में दृश्यता 100 मीटर रही। आगे क्या-आज भी कोहरे की संभावना
मौसम केंद्र के मुताबिक भोपाल सहित प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में रविवार को भी कोहरा छाने की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश से सटे ग्वालियर, चंबल और विंध्य के इलाकों में कोहरा ज्यादा घना हो सकता है ।


