सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक समेत अन्य गड़बड़ियों के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। इसमें आधा दर्जन युवा चोटिल हो गए हैं। पुलिस ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो, मधु रजक और मनोज कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया। एएसआई संतोष कुमार के पैर में भी चोट लगी है। इससे पहले जेएसएससी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे परीक्षार्थियों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने इस कार्रवाई की कमान खुद संभाल रखी थी। छात्र नेता देवेंद्र महतो के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी युवा नारेबाजी करते हुए 12.45 बजे जेएसएससी कार्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने सभी को जेएसएससी ऑफिस से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले सदाबहार चौक के समीप रोक दिया। नारेबाजी करते हुए युवा सड़क पर बैठ गए। अभ्यर्थी 1.25 बजे तक बैठकर नारेबाजी करते रहे। तबतक पुलिस के कई वरीय पदाधिकारी भी वहां पहुंच गए। कुछ देर तक नामकुम बाजार मैदान रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खदेड़ दिया। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शुरू, कड़ी जांच के बाद भेजे गए अभ्यर्थी इधर, विरोध के बीच सीजीएल परीक्षा पास अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जेएसएससी ऑफिस में शुरू हो गया। पहले दिन 450 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। 20 दिसंबर तक 2231 अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा। विरोध को देखते हुए जेएसएससी ऑफिस जाने के सभी रास्तों पर जगह-जगह बेरिकेडिंग की गई थी। अभ्यर्थियों का मेरिट लिस्ट के क्रमांक का मिलान के बाद पुलिस जेएसएससी ऑफिस की ओर जाने दे रही थी। ऑफिस की ओर आने वाले सभी रास्ते पर 1.5 किलोमीटर पहले बैरेकेडिंग लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया था। जानिए…अभ्यर्थी क्यों कर रहे सीजीएल परीक्षा का विरोध
राज्य भर में 21 और 22 सितंबर को सीजीएल परीक्षा हुई थी। इसमें प्रश्न पत्र लीक और गड़बड़ियां होने का आरोप लगाते हुए छात्र परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं। पर छात्र मान नहीं रहे हैं। वे इस परीक्षा को रद्द करने के साथ-साथ सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम शुरू होने से छात्रों की नाराजगी बढ़ गई है।


