प्रदेश में भाजपा सरकार के दो साल पूर्ण होने पर आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानन्द व्यास को बैठने के लिए सीट नहीं दी गई। नाराज विधायक प्रभारी मंत्री के पीछे खड़े रहे। बाद में उन्हें सीट दी गई लेकिन नाराज विधायक ने बैठने से इनकार कर दिया। इस दौरान विधायक व्यास मीडिया के एक साल से इतना नाराज हो गए कि पत्रकारों से ही उलझ गए। दरअसल, प्रभारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर बीकानेर आए थे। सुबह ग्यारह बजे उन्होंने मीडियाकर्मियों से मिलने के लिए प्रेस ब्रीफिंग रखी थी। तय समय से बीकानेर पश्चिम के विधायक लेट पहुंचे थे। तब तक प्रेस से बातचीत शुरू हो गई। प्रभारी मंत्री के पास एक तरफ बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी बैठ गई, जबकि दूसरी तरफ जिला कलेक्टर नमृता वृष्णि बैठ गई। विधायक के आने के बाद भी उन्हें सीट नहीं दी गई। इस पर वो प्रभारी मंत्री के पीछे जाकर खड़े हो गए। बाद में उन्हें बैठने के लिए इशारा किया गया लेकिन वो नहीं गए। कुर्सी नहीं मिलने से इतने नाराज हुए कि बाद में पूरी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान खड़े ही रहे। मीडिया के सवाल पर उखड़े एक मीडियाकर्मी ने जब शहर में जगह-जगह चल रहे सीवरेज कार्य का जिक्र करते हुए आम आदमी की परेशानी पर सवाल किया तो विधायक व्यास उखड़ गए। उन्होंने पत्रकार को यहां तक कह दिया कि पत्रकार होने का मतलब ये नहीं है कि कुछ भी कहेंगे। प्रशासन की गलती, मंत्री से नाराज नहीं बाद में पत्रकारों से विधायक ने कहा कि मेरा मंत्री से विरोध नहीं है। प्रशासन की गलती है। प्रभारी मंत्री को बता दिया गया है, वो प्रशासन से बात की जाएगी। इस कार्यक्रम को जल्दबाजी में काम किया है। जो समय बताया गया, उससे पहले कार्यक्रम करना गलत है। मुझे जहां गलत लगेगा, वहां मैं बोलूंगा। इससे पहले सीएमएचओ से भी नाराज इससे पहले गंगाशहर के एक अस्पताल में विधायक के पहुंचने से पहले ही उद्घाटन कर दिया गया था। उद्घाटन पटि्टका में भी विधायक का नाम नहीं दिया गया। इससे नाराज होकर विधायक वहां से निकल गए। इस बार विधायक ने जिला कलेक्टर से अपनी नाराजगी जताई।


