सीधी अधिवक्ता संघ का शपथ ग्रहण समारोह दो महीने की देरी के बाद आयोजित तो हुआ, लेकिन यह पूरी तरह विवादों में घिर गया। मतभेदों के चलते समारोह अधूरा रहा और अब इसे दो हिस्सों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह और उनके छह साथियों ने शपथ ली, जबकि सचिव और अन्य सदस्य दूसरे चरण में शपथ लेंगे। समारोह में शामिल हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल पर गंभीर आरोप लगे हैं। अधिवक्ता संघ के सचिव रविंद्र गौतम ने कहा कि विधायक केवल एक विशेष वर्ग का पक्ष ले रहे हैं और ब्राह्मण समाज की अनदेखी कर रहे हैं। उनके अनुसार, संघ के भीतर चल रही खींचतान को सुलझाने के बजाय विधायक ने एक पक्ष का खुलकर समर्थन किया, जिससे विवाद और बढ़ गया। अध्यक्ष के व्यवहार पर उठे सवाल सचिव रविंद्र गौतम ने संघ के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष अक्सर गाली-गलौज और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे संघ की गरिमा खराब हो रही है। इस मामले की शिकायत जिला न्यायाधीश से भी की गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ढाई सौ से ज्यादा वकीलों ने बनाई दूरी विवाद का असर कार्यक्रम की उपस्थिति पर भी साफ दिखा। शपथ ग्रहण समारोह में कुल ढाई सौ से ज्यादा वकील शामिल नहीं हुए और केवल 60 अधिवक्ताओं की मौजूदगी में कार्यक्रम निपटाया गया। इतनी बड़ी संख्या में वकीलों की अनुपस्थिति ने संघ के भीतर चल रहे भारी असंतोष को उजागर कर दिया है।


