सीधी में एक हत्या के सनसनीखेज मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी राजकुमार सिंह गोंड को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उसे हत्या के साथ-साथ साक्ष्य छुपाने का भी दोषी पाया गया। 2 साल पहले गला घोंटकर की थी हत्या यह मामला थाना जमोड़ी क्षेत्र के ग्राम हडबडो से संबंधित है। जानकारी के अनुसार, 11 सितंबर 2023 को सोनू साकेत ने जमोड़ी थाने में अपने भाई हरिश्चंद्र साकेत के लापता होने की सूचना दी थी। हरिश्चंद्र 10 सितंबर की सुबह गांव की ओर निकला था और रात तक घर नहीं लौटा। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने सिरसी-तेगवा के जंगल में हरिश्चंद्र साकेत का शव मिलने की सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों और पुलिस ने पाया कि मृतक का शव मुख्य सड़क से लगभग 100 मीटर अंदर पड़ा था। उसके गले में सफेद तौलिया कसा हुआ था, शरीर पर चोट के निशान थे और पास में चप्पल पड़ी थी। प्रथम दृष्टया यह गला घोंटकर हत्या का मामला प्रतीत हुआ। मृतक के विशेष नाम से बुलाने पर नाराज था आरोपी पुलिस ने इस सूचना पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की और बाद में हत्या व साक्ष्य छुपाने की धाराओं में अपराध दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने खुलासा किया कि आरोपी राजकुमार सिंह गोंड ने मृतक द्वारा उसे एक विशेष नाम से संबोधित किए जाने पर नाराज होकर वारदात को अंजाम दिया था। उसने एक अपचारी बालक के साथ मिलकर बदला लेने की भावना से हरिश्चंद्र की हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक, सीधी ने इस प्रकरण को जघन्य और सनसनीखेज श्रेणी में रखा था। आरोपी युवक को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा मामले की विवेचना उपनिरीक्षक पवन सिंह और उपनिरीक्षक शेषमणि मिश्रा द्वारा की गई। विवेचना पूरी होने के बाद अपचारी बालक का प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत किया गया, जबकि मुख्य आरोपी राजकुमार सिंह गोंड के खिलाफ अभियोग पत्र सत्र न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से प्रभावी पैरवी के बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया और उसे आजीवन सश्रम कारावास के साथ अर्थदंड तथा साक्ष्य छुपाने के लिए अलग से आज शुक्रवार को सजा सुनाई गई।


