सीधी जिले के सोन नदी स्थित कोलदह घाट पर नवरात्र और दशहरे के बाद माता की मूर्तियों के विसर्जन का कार्य दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्तगण माता की प्रतिमाओं को लेकर नदी तट पर पहुंचे। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं ने मूर्तियों का विसर्जन किया। अब तक 300 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है। कोलदह घाट पर विसर्जन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा। चुरहट एसडीएम शैलेश द्विवेदी, चुरहट थाना प्रभारी दीपक सिंह बघेला और सेमरिया थाना प्रभारी केदार परौहा सहित पुलिस व राजस्व विभाग का पूरा स्टाफ मौके पर मौजूद था। एसडीएम द्विवेदी ने घाट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की। प्रशासन ने घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रतिमा विसर्जन स्थल पर गोताखोर और नावें भी सुरक्षा की दृष्टि से उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। 50 गांवों से भक्त प्रतिमाएं लेकर पहुंचे एसडीएम शैलेश द्विवेदी ने बताया कि आसपास के 40 से 50 गांवों से भक्त प्रतिमाएं लेकर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु ट्रैक्टर, पिकअप और अन्य चार पहिया वाहनों में माता की प्रतिमाएं लेकर घाट पर आते हैं। भक्ति गीतों की गूंज के बीच प्रतिमाओं का जल प्रवाह किया जाता है। दशहरा और उसके अगले दिन प्रतिमा विसर्जन की यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस वर्ष भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे घाट पर उत्साह का माहौल बना रहा।


