सीधी नगर पालिका ने सोमवार शाम शहर में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। नगर पालिका कर्मचारियों ने सड़क किनारे संचालित छह मीट दुकानों पर छापा मारा और वहां से जिंदा मुर्गे, मछलियां तथा अन्य सामान जब्त कर नगर पालिका परिसर ले गए। यह कार्रवाई शाम करीब 4 बजे की गई। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों द्वारा जिंदा मुर्गों को उठाकर ले जाने के दृश्य स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। जब्त किए गए सामान में जिंदा मुर्गे और मछलियां शामिल थीं, जिन्हें अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत हटाया गया। स्थानीय मीट व्यापारी शहाबुद्दीन खान ने नगर पालिका की इस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि वे दोपहर से दुकान लगाए हुए थे, जहां कुछ जिंदा मुर्गियां और कुछ कटे हुए मीट बिक्री के लिए रखे थे। उनके अनुसार, नगर पालिका के कर्मचारी अचानक पहुंचे और उनकी कोई बात नहीं सुनी, सारा सामान जब्त कर लिया गया। शहाबुद्दीन खान का दावा है कि जब्त किए गए मुर्गों को न तो पानी मिला और न ही चारा, जिससे करीब आठ मुर्गियों की मौत हो गई। इसके अलावा, कटे हुए मीट के पीस भी खराब हो गए, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका ने बिना किसी लिखित सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था के यह कार्रवाई की, जिससे उनका रोजगार प्रभावित हुआ है। मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने भी पशुओं के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए। इस पूरे मामले पर नगर पालिका सीधी की सीएमओ मिनी अग्रवाल ने मौखिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर संबंधित व्यापारियों को कई बार पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी। नियमों का पालन न करने के कारण इस बार ठोस कदम उठाना पड़ा। सीएमओ मिनी अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका शहर को व्यवस्थित और स्वच्छ रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अन्य व्यापारी भी नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


