भास्कर न्यूज | अमृतसर 86 दिन के बाद वीरवार को अमृतसर शहरी जिला प्रधान सौरभ मदान मिट्ठू की ताजपोशी हुई। मिट्ठू को कांग्रेस हाईकमान ने 11 नवंबर 2025 को शहरी जिला प्रधान नियुक्त किया था। हाल बाजार में कांग्रेस भवन में आयोजित ताजपोशी समारोह ने कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से लेकर प्रधान राजा वड़िंग तक पहुंचे मगर शहर के चार नेता नहीं पहुंचे। इनमें पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व विधाायक इंदरबीर सिंह बुलारिया, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी और मिट्ठू से पहले जिला प्रधान रहे अश्विनी पप्पू समागम में नहीं पहुंचे। प्रधान और प्रभारी की मौजूदगी के बावजूद उनकी गैर-हाजिरी मिट्ठू की जिला प्रधान की राह को कठिन करती दिखी। हालांकि मीडिया के सवाल पर राजा वड़िंग ने बताया कि सोनी और बुलारिया शहर के बाहर हैं, इसलिए वे नहीं आए। पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस बड़े महलों से नहीं, बल्कि छोटे घरों से निकली पार्टी है। कांग्रेस सह प्रभारी सूरज ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी ने मिट्ठू जैसे हजारों नेता तैयार किए हैं, जो रेस के घोड़े हैं, न कि दिखावे के। वहीं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि अमृतसर हमेशा कांग्रेस की ताकत रहा है। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने विश्वास जताया कि मिट्ठू बिना भेदभाव के सभी को साथ लेकर चलेंगे। पूर्व प्रधान पप्पू का न दिखाता है कि पार्टी के फैसले को स्वीकार कर नहीं पाए हैं। राजनीति गलियारों में उनकी नाराजगी के चर्चे हैं। उनकी नाराजगी दूर न की गई तो विस चुनाव में वह कठोर कदम भी उठा सकते हैं। पिछले दो चुनाव में पार्टी उन्हें टिकट न देकर नाखुश कर चुकी है, मगर उन्होंने कभी पार्टी को इसका अहसास नहीं करवाया। जिला प्रधानी की जिम्मेदारी बिना किसी शिकन के निभाई। उधर, मिट्ठू की ताजपोशी में न आने का कारण जानने के लिए सोनी-बुलारिया को कॉल किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाए। बस्सी ने फोन काट दिया। सूत्रों के अनुसार वह अमृतसर में ही थे। इसके बावजूद उनका न आना सवाल खड़ा कर रहा है। बस्सी ईस्ट विधानसभा सीट से चुनाव में दावेदारी ठोकेंगे। इसी हलके में मिट्ठू का वार्ड भी है। इससे चुनाव में कांग्रेस के लिए परिस्थितियां कठिन हो सकती हैं।


