सीमा जागरण मंच दिल्ली द्वारा आयोजित सीमा वंदन यात्रा 2024 का अकली गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने स्वागत किया। सीमाजन कल्याण समिति के कार्यकर्ता निम्ब सिंह, चन्दन सिंह, भंवर सिंह, चैन सिंह, हितेंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह, राण सिंह, लक्ष्मण सिंह, नेत्रपाल सिंह ने सदस्यों का बहुमान किया। गुजरात के सोमनाथ में शुरू हुई यात्रा के अकली पहुंचने के बाद बॉर्डर के गांवों में भ्रमण करवाया। टीम सदस्यों के सामने बॉर्डर के गांवों की समस्याएं रखी। साथ ही यहां की संस्कृति के बारे में जानकारी दी। इतना ही नहीं अभावों जीवन यापन कर रहे ग्रामीणों को देखकर सदस्यों ने कहा कि यहां के लोग चुनौतियां का मुकाबला कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर रोजगार के साधन नहीं होने की वजह से पलायन कर दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। हर दूसरे साल अकाल पड़ने से खेती नहीं हो पाती है। पशुधन भी अकाल मौत का शिकार हो जाता है। ऐसे में परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। यहां पर उद्योग या बड़े प्रोजेक्ट स्थापित किए जाए तो लोगों को रोजगार मुहैया हो सकता है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या डीएनपी की है। इस वजह से गांवों में आधारभूत सुविधाएं नहीं है। यात्रा का नेतृत्व मंथन सीमा जागरण मंच के संयोजक और यात्रा के क्यूरेटर नचिकेत जोशी व वी एम्पावर यू फाउंडेशन के संस्थापक-निदेशक शिरीन उधास अग्रवाल, इंटीरियर डिजाइनर इशिता जोशी,आरसी दलाल ट्रस्ट के जगदीश बिश्नोई, दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर, देवेन्द्र सैनी, लव कुमार सिंह, निदेशक सफल इंडिया फाउंडेशन शुभम झा, अधिवक्ता एवं निदेशक नियोगी एंड कंपनी, हिमांशु राय, निदेशक, डीपीएस समूह, झज्जर, ऋषि गोस्वामी, बिभांशु वैभव मौजूद रहे। बाड़मेर के बाद यात्रा जैसलमेर में पहुंची।


