सीहोर जिले की इछावर तहसील के नीलबड़ गांव में देर रात हड़कंप मच गया। यहां खेतों में काम कर रहे किसानों को एक जंगली जानवर दिखाई दिया, जिसे तेंदुआ या बाघ बताया जा रहा है। जंगली जानवर की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और उन्होंने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। इन दिनों किसान फसलों की देखभाल और खेती के काम से सुबह-शाम खेतों पर जा रहे हैं। इसी दौरान उन्हें यह जानवर घूमता हुआ दिखाई दिया। कुछ सतर्क किसानों ने अपने मोबाइल से उसकी तस्वीरें भी ले लीं और वन विभाग के अधिकारियों को भेज दीं। पटाखे फोड़कर भगाने की कोशिश सूचना मिलते ही वन विभाग के रेंजर अपनी टीम के साथ नीलबड़ गांव पहुंचे। वन अमले ने गांव और आसपास के खेतों में सर्चिंग शुरू कर दी है। विभाग की कोशिश है कि जानवर को जंगल की ओर खदेड़ा जा सके। वहीं, ग्रामीणों ने भी अपनी सुरक्षा के लिए सतर्कता दिखाई। उन्होंने शोर मचाकर और पटाखे फोड़कर जानवर को आबादी वाले क्षेत्र से दूर भगाने की कोशिश की। अफसर बोले- पगमार्क नहीं मिले भले ही किसानों ने जानवर देखने और फोटो खींचने का दावा किया है, लेकिन वन विभाग अभी पुष्टि करने से बच रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सर्चिंग के दौरान फिलहाल गांव में तेंदुए या बाघ की मौजूदगी के कोई ठोस निशान (पगमार्क) नहीं मिले हैं। फिर भी एहतियात के तौर पर वन विभाग की टीम इलाके में गश्त कर रही है और ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी गई है।


