सीहोर में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी-कर्मचारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता नियंत्रण के नाम पर किए जा रहे औचक निरीक्षणों का विरोध कर रहे हैं। मध्य प्रदेश संयुक्त अभियंता संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में 7 जिलों के PWD अधिकारी-कर्मचारियों ने काम बंद कर एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन इंदौर-भोपाल हाईवे स्थित PWD रेस्ट हाउस में हुआ। इस धरने में सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, विदिशा और रायसेन जिले के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। उन्होंने औचक निरीक्षणों को अमानवीय और अव्यावहारिक बताते हुए इसे प्रताड़ना करार दिया। संगठन के महामंत्री अनिल जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश इंजीनियर संघ द्वारा इस समस्या को लेकर पूर्व में लोक निर्माण विभाग के सचिव को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं हुआ। विभाग में उपयंत्री और अनुविभागीय अधिकारियों के पद खाली हैं, जिनकी भर्ती नहीं की जा रही है। बोले- नए पद सृजित नहीं किए जा रहे
जैन ने आगे कहा कि निर्माण कार्यों में चार गुना वृद्धि हुई है और नए संभाग भी बने हैं, लेकिन उनके हिसाब से नए पद सृजित नहीं किए गए हैं। मैदानी अभियंताओं को निर्माण कार्यों के सुपरविजन के अतिरिक्त कई गैर-तकनीकी कार्य भी करने पड़ते हैं, जिसके कारण देखरेख के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। लोक निर्माण विभाग सीहोर के बीएल अहिरवार ने विरोध जताते हुए कहा कि न तो टाइम कीपर बचे हैं और न ही आने-जाने के पर्याप्त संसाधन हैं। ऐसे में औचक निरीक्षण के नाम पर अभियंताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि वे पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं।


