सुंईया मेले में प्लास्टिक फ्री रखने की पहल, तैयारियां पूरी:संभागीय आयुक्त ने स्थल का जायजा लेकर ली मीटिंग, 29-30 को भरेगा मेला

पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में 29 दिसंबर को अर्द्ध कुंभ सुंईया पोषण मेला भरा जाएगा। इसको लेकर जोधपुर संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह ने मेले स्थल का जायजा लेने के साथ अधिकारियों और मेले से जुड़े ट्रस्टियों के साथ मीटिंग की। आयुक्त ने अर्द्ध कुंभ को इको फ्रेंडली बनाते हुए प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी को प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और जूट का थैला और स्टील की थाली या पत्तल का उपयोग करने की अपील की है। दरअसल, सुंईया मेले का लेकर प्रशासन बीते डेढ़ माह से तैयारियां कर रहा है। करीब-करीब सभी तैयारियां पूरी भी हो चुकी है। इस मेले में 29 व 30 को करीब-करीब 10 लाख के आसपास श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इसको लेकर पुलिस ने भी एक्स्ट्रा जाब्ता लगाया है। एएसपी, डीएसपी, सहित पुलिस अधिकारी व जवान दो शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे। संभागीय आयुक्त डॉ. सिंह ने कहा कि यह मेला शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित होना चाहिए। इसके लिए डॉ. सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मेला अच्छा शो केस होना चाहिए। हमारी किसी भी गलती की वजह से जिले के नाम खराब नहीं हो चाहिए। जिसे जो जिम्मेदारी मिली है, वह उसको समझकर, उसका अच्छी तरह से निर्वहन करें। यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है इसलिए कोई बेड इम्प्रेसन लेकर नहीं जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल लगाने और उनकी सही ब्रीफ्रिंग करने के निर्देश दिए। साफ-सफाई रखें, श्रद्धालुओं को गंदगी का सामना नहीं करना पड़े संभागीय आयुक्त ने मेले के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था अच्छे ढंग से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का गंदगी का सामना न करना पड़े,इसके लिए पर्याप्त संख्या में सफाई कार्मिक और डस्टबीन लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिस्कॉम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि अगर कहीं बिजली के तार ढीले हैं। उनको तुरंत ठीक करें। इसके साथ मेले के दौरान संभावित लोड का आकलन करते हुए पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान लगातार बिजली सप्लाई होनी चाहिए। डॉक्टर, नर्सिग स्टाफ और दवाईयां व्यवस्था रखी चाहिए जलदाय विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने मेले के दौरान पर्याप्त पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। इसके साथ ही नहाने की पानी व्यवस्था और पीने की पानी सुचारू व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग को मेले के दौरान पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और दवाईयों की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बाइक एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था के लिए कहा। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बेरिकेटिंग और सड़कों की मरम्मत करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके साथ नगरपालिका और नगरपरिषद के अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में अग्निशमन वाहन मेला स्थल पर खड़े करने के निर्देश दिए।कंट्रोल रूम को करना होगा सतर्क रहकर काम संभागीय आयुक्त ने निर्देश दिए कि मेला स्थल पर बनने वाले कंट्रोल रूम पर सभी लोंगों के नाम और नम्बर की डायरेक्टरी होनी चाहिए। इसके साथ ही संचार व्यवस्था माकूल होनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में किसी से भी सम्पर्क स्थापित किया जा सके। मेला व्यवस्था की तैयारियेां के संबंध में जिला कलक्टर ने दी जानकारी जिला कलक्टर टीना डाबी ने बताया कि इस मेले को शांतिपूर्ण और अच्छा कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मेले की व्यवस्थाओं के लिए मेला मजिस्ट्रेट सहित आवश्यक कार्मिकों को दायित्व सौंप दिए गए हैं। मेला परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि संभागीय आयुक्त की ओर से जो निर्देश दिए गए हैं, उनकी भी पालना सुनिश्चित कर मेले को शांतिपूर्ण और सुव्यविस्थत करवाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक नरेन्द्रसिंह मीणा ने मेला अवधि के दौरान कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था संबंधित पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि गृह विभाग के दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान 2 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात करने के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने पार्किग एवं श्रद्धालुओं की आवाजाही, परिवहन एवं आवास व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। सुंईया मंदिर और मठ क्षेत्र का दौरा कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा इससे पहले संभागीय आयुक्त ने सुंईया माता मंदिर और मठ क्षेत्र का दौरा कर मेले की आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के आने और जाने के रास्तों का निरीक्षण किया। मंदिर परिसर में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन करने, उनके नहाने और उनके ठहरने संबंधित व्यवस्थाओं को भी देखा। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। उल्लेखनीय है कि इस दौरान उनके साथ जिला कलक्टर टीना डाबी भी उपस्थित थीं। ये थे उपस्थित इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मेला के नोडल अधिकारी श्री सिद्धार्थ पलनीचामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर और मेला के सह नोडल अधिकारी राजेन्द्रसिंह चांदावत, नगरपरिषद् बाड़मेर के आयुक्त श्रवणसिंह राजावत, उपखंड अधिकारी कुसुमलता चौहान, केशव मीणा, अनिल जैन, बद्रीनारायण विश्नोई सहित मेला मजिस्ट्रेट, प्रधान चौहटन रूपाराम सारण, नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि सहित विभिन्न जिला स्तरीय एवं ब्लाक स्तरीय विभागीय अधिकारी, गणमान्य नागरिक, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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