सुग्रीव से राम बोले- हार पहनकर जाओ फिर बाली को युद्ध के लिए ललकारो

जालंधर | जय श्री राम महाबीर क्लब दशहरा ग्राउंड बस्ती शेख के सदस्यों द्वारा चल रही श्री रामलीला के मंचन की शुरूआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ शुरू की। पाठ के बाद सभी ने जय श्री राम का पवित्र उद्घोष लगाकर भक्तिमय माहौल बनाया गया। मंगलवार को रामलीला के मंचन के छठे दिन श्री राम की हनुमान से प्रथम भेंट, राम-सुग्रीव मित्रता, सुग्रीव बाली युद्ध और बाली वध आदि प्रसंगों के मनोहारी दृश्यों को देख दर्शक गदगद हो उठे। शबरी प्रसंग में जब राम लक्ष्मण माता सीता की खोज करते हुए शबरी के कुटिया में पहुंचे तो कई सौ वर्षों से श्री राम जी के आने का इंतजार कर रही शबरी राम जी के चरण धोकर उनका स्वागत करती है और कहती है कि मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे- राम आएंगे…। भोजन में एक-एक बेर चुनकर उनको खिलाती है। राम शबरी के झूठे बेर खाकर प्रभु मुस्कराए और यह संदेश दिया कि वह भाव के भूखे हैं, मेवे के नहीं। (इस दृश्य में राम के रोल में रिंकू मक्कड़ और लक्ष्मण के रोल में सुमित शर्मा है। और शबरी का रोल अदा करने वाली युवती राम का रोल निभा रहे रिंकू मक्कड़ की 15 साल की बेटी यशिका है। जोकि श्री रामलीला के मंच पर शबरी की भूमिका निभा रही है।) शिक्षा : बाली वध का प्रदर्शन, धर्म की जीत का प्रतीक है। क्योंकि भगवान राम एक अन्यायपूर्ण राजा को हटाते हैं। प्रबंधकों ने बताया कि रामलीला हमारी धरोहर हैं। यह संयुक्त परिवार, बड़े-छोटे का सम्मान सिखाती है। इसका हर प्रसंग जीवन में सीख देती है। हनुमान द्वारा राम-लक्ष्मण की सुग्रीव से मुलाकात का वृतांत सुनाता है। इतनी ही देर में बाली के महल के बाहर आकर सुग्रीव उसे युद्ध के लिए ललकारता है। राम : प्यारे मित्र मैं क्या करता तुम दोनों भाइयों की सूरत एक जैसी ही है। मैं बिना सोचे समझे कैसे बाण मार देता। लो अब ये हार पहन कर जाओ और उसे फिर युद्ध के लिए ललकारो। सुग्रीव : भगवान जाने को तो मैं जाता हूं। मगर ऐसा ना हो कि मेरा एक चोट में काम तमाम हो जाए। राम : नहीं, नहीं सुग्रीव भरोसा रखो, उधर तुमने हाथ मिलाया नहीं, मेरा बाण बाली के कलेजे में आया नहीं। सुग्रीव : अच्छा भगवान एक बार फिर जाता हूं। बाली : अरे तू फिर से आ गया… क्या तू पहली मार को इतनी जल्दी भूल गया। अब की बार मैं तुम्हें जीवित नहीं छोड़ूगा। तारा : हाथ पकड़कर बोली… ठहरो स्वामी जाने से पहले सोच लीजिए कि सुग्रीव आपका भाई है। उस पर रहम कर दिया जाए तो अच्छा है। क्योंकि वह बेचारा बिल्कुल बेकसूर है। इसलिए अच्छा यहीं होगा कि उसका हक उसको संभाल दें और इस वैर भाव को दिल से निकाल दें। दोनों भाइयों में युद्ध होता है। श्री राम अपने धनुष से बाली को मार देते हैं। इसके बाद सुग्रीव ने माता सीता की खोज के लिए हनुमानजी को भेजा। हनुमानजी ने लंका पहुंचकर अशोक वाटिका में माता सीता को रामजी का संदेश दिया। यह मेंबर रहे मौजूद : विजय लूथर, सुभाष शर्मा, नरिंदर वोहरा, दविंदर कक्कड़, चेयरमैन शिव नाथ कंडा, वाइस चेयरमैन राजिंदर कपूर, प्रधान संजीव मेहता, सीनियर उप प्रधान सुनील सौंधी, सीनियर उप प्रधान वरिंदर कुमार, उप प्रधान राहुल लूथर, विजय कुमार, पवन लूथर, वेद प्रकाश, अमित कुमार, पवन अरोड़ा, सुमीत शर्मा, रवि बग्गा, मोहित कुमार, कृष्णा, दीपक तनेजा व अन्य मेंबर शामिल है।

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