मीर ने कहा- एक बजट में सभी गारंटी को शामिल करना संभव नहीं है प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम के अनुसार हमने जनता को जो गारंटी दी है, उसे पूरा करना है। यह राज्य सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट है। एक ही बजट में सभी गारंटी को शामिल करना संभव नहीं है, लेकिन उसके लिए आधार बनाया जा सकता है। हमें अपनी गारंटियों को प्राथमिकता देना है। हमारी एक गारंटी मंईयां सम्मान के रूप में पूरी हुई है। मीर ने रविवार को प्रदेश कांग्रेस की ओर से आयोजित निकाय चुनाव व राज्य बजट पूर्व परिचर्चा में अपनी बातें कही। मीर ने कहा कि बैठक में जनप्रतिनिधि, संगठन के सदस्यों और जनता के जो विचार आैर सुझाव आए हैं, उससे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया जाएगा। उन्हीं सुझावों के अनुरूप झारखंड में बजट बनाने की कोशिश की जाएगी। परिचर्चा में राज्य के बजट को लेकर इन्होंने भी रखे अपने विचार परिचर्चा में भाग लेते गुलाम मीर, केशव कमलेश व अन्य कांग्रेस नेता। {सुबोधकांत सहाय ने कहा कि शहरी विकास पर फोकस करना होगा। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए मजबूत पॉलिसी बनानी होगी। {सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा कि झारखंड में वन पदार्थ की खरीदारी लैंप्स के माध्यम से करने की व्यवस्था करनी चाहिए। {कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि हमें किसानों की योजनाओं पर जोर देने की आवश्यकता है। {पूर्व सांसद प्रदीप कुमार बालमुचू ने कहा कि हमें केंद्र के पास योजनाएं बनाकर भेजनी होंगी, जो पूरी तरह केंद्र के पैसे से चलती हैं। {कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि केंद्रीय सहायता समय पर नहीं मिलने पर भी योजनाओं को पूरा करने की व्यवस्था हो। {वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि पार्टी की घोषणाओं को धीरे-धीरे बजट में शामिल करें। {पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि योजनाओं को लागू करने की दिशा में कड़ाई बरतनी होगी, ताकि भ्रष्टाचार न हो। {विधायक दल के उप नेता राजेश कच्छप ने कहा कि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिससे राज्य में राजस्व बढ़ सकता है। उसपर ध्यान देना होगा। {प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि झारखंड में जल संचयन के लिए विशेष रूप से बजट में प्रावधान किया जाए। प्रदेश प्रभारी मीर ने कहा कि स्थानीय नगर निकाय चुनाव गैर दलगत आधार पर होना है। हम सरकार के समक्ष दलगत चुनाव कराने के लिए अपनी मांगों को रखेंगे। अगर गैर दलगत आधार पर चुनाव होते हैं तो हमें सचेत रहना है। हमें ऐसे लोगों का समर्थन करना है, जो कांग्रेस की विचारधारा के हों। हमें निकाय चुनाव में अधिकतर सीटें जीतने के लिए रणनीति बनानी होगी। खासकर हमें ध्यान वहां केंद्रित करना है, जहां हम विधानसभा व लोकसभा लड़े, लेकिन जीत नहीं पाए। परिचर्चा में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, बन्ना गुप्ता, बादल, विधायक सुरेश बैठा, नमन विक्सल कोंगाड़ी, ममता देवी, निशात आलम, श्वेता सिंह, भूषण बाड़ा, अनूप सिंह समेत राज्य भर से आए कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। प्रदेश प्रभारी बोले- निकाय चुनाव में अधिकतर सीटें जीतने की बनानी होगी रणनीति


