सिटी एंकर शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। चास के भीड़भाड वाले बाजारों व मुख्य सड़कों पर मवेशी बेखौफ घूम रहे हैं और कई बार आपस में भिड़ जाते हैं। इससे सड़क पर चलने वालों को परेशानी हो रही है। वहीं लोगों की सुरक्षा का भी गंभीर खतरा बना हुआ है। बोकारो-चास मुख्य सड़क पर चेकपोस्ट, भालोटिया गली, धर्मशाला चौक, आईटीआई मोड़ और जोधाडीह मोड़ सब्जी मार्केट के पास गोवंश को घूमते देखा जा सकता है। कई बार यह बीच सड़क पर बैठ जाते हैं और जाम की िस्थति उत्पन्न हो जाती है। नगर निगम के पास जगह नहीं है, जहां इन आवारा पशुओं को पकड़कर रखा जाए। बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते 7 नवंबर को आदेश दिया कि देशभर की सभी शैक्षणिक संस्थाओं, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों का नसबंदी और टीकाकरण के बाद हटाया जाए। चास नगर निगम ने तो कार्रवाई शुरू की है, लेकिन सिर्फ कुत्तों पर। मवेशियों को हटाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सड़कों से हटाए जाएंगे आवारा मवेशी योजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी चास में डॉग पकड़ता कर्मी। बीएसएल एरिया और फुसरो क्षेत्र में नहीं पकड़े जा रहे हैं आवारा कुत्ते सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चास नगर निगम एरिया में कुत्तों को पकड़ कर बंध्याकरण किया जा रहा है, लेकिन बीएसएल एरिया में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नगर निगम अब तक लगभग 300 कुत्तों को पकड़ चुका है। वहीं बीएसएल के विभिन्न सेक्टरों में अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। डॉग बाइट के केस में बोकारो सदर अस्पताल में औसतन प्रतिदिन 25 से 30 लोग पहुंचते है। बीएसएल प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक प्रबंधन अभी सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन और सरकार की गाइडलाइन का अध्ययन कर रहा है। इसके बाद रणनीति तैयार कर कार्रवाई शुरू करेगा। फिलहाल अभी पशुओं और कुत्तों के संबंध में बीएसएल कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।


