सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 7 सितंबर को निर्धारित की है। मालूम हो कि हाईकोर्ट ने 11 जुलाई को पूर्व मंत्री की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की थी कि प्रथम दृष्टया अदालत के पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि प्रार्थी अपराध की आय कहे जाने वाले धन प्रबंधन में शामिल नहीं है। इस मामले में पर्याप्त सबूत हैं जो आलमगीर की मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। कोर्ट ने ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट और विभिन्न अभियुक्तों व गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि आलमगीर का नाम कई दस्तावेजों और डायरियों में कमीशन के हिस्सेदार के तौर पर दर्ज है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आर्थिक अपराधों में जमानत देने के मामले में अलग दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत होती है, क्योंकि भ्रष्टाचार हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा है, जिससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।


