पाली के सुमेरपुर से 8 फरवरी से लापता 30 वर्षीय सुरेश कुमार देवासी की निर्मम हत्या कर दी गई। मंगलवार की देर शाम को सिरोही जिले के पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र की मोरस की पहाड़ियों में उनका शव बरामद हुआ। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के अनुसार, मृतक के परिजनों को जानकारी मिली थी कि वह पिंडवाड़ा की ओर जाने वाला था। तलाश के दौरान मोरस पुलिस चौकी से लगभग 3 किलोमीटर दूर जंगल में शव मिला। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे छूने से भी लोग कतरा रहे थे। समाजसेवी शिवा की मदद से शव को एम्बुलेंस में पिंडवाड़ा के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहुंचाया गया। जांच में सामने आया कि हत्यारों ने मृतक के कागजात शव से एक किलोमीटर दूर फेंके, जबकि उसकी कार करीब 40 किलोमीटर दूर उदयपुर जिले की पहाड़ियों में छोड़ दी। मृतक के मामा शंकर देवासी ने पिंडवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें लूट के इरादे से हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तीन डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड टीम से पोस्टमॉर्टम करवाया, जिसमें सिरोही जिला अस्पताल के डॉ. शक्ति सिंह, पिंडवाड़ा अस्पताल के डॉ. विनोद यादव और डॉ. बनवारी लाल शामिल थे। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। शव में मिली एक गोली निशान तीन के
मेडिकल बोर्ड को मृतक के सीने में फसी हुई एक गोली मिली, यह गोली किसकी है यह मेडिकल तथा पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा। अन्य गोलियों को पता लगाने के लिए शरीर के कुछ अंश लेकर उनका एक्सरे कराया गया है। मौके पर मौजूद मृतक सुरेश कुमार देवासी के मामा शंकर देवासी ने बताया कि सुरेश देवासी घर से 8 फरवरी शनिवार को सुबह करीब 4:30 बजे उसकी कर लेकर पिंडवाड़ा के लिए रवाना हुआ था, जो की 6:11 पर मोरस टोल प्लाजा को पार करके आगे बढ़ा था। इसके बाद उसे कॉल किया तो कॉल नहीं मिला। पूरा दिन कॉल करने के बाद जब सुरेश का फोन नहीं मिला तो शनिवार देर शाम सुमेरपुर सदर थाने में उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार और सोमवार को भी उसकी तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। मंगलवार शाम को पिंडवाड़ा पुलिस को मॉरिस पुलिस चौकी से 3 किलोमीटर दूर सड़क से 1 किलोमीटर दूर मोरस की पहाड़ियों के गड्ढे में सड़ी गली हालत में मिला। उन्होंने बताया कि सुरेश देवासी प्रॉपटी व फाइनेंस का काम करता था।


